NEET Paper Leak Case: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पेपर तैयार करने वाली कमेटी में शामिल गिरफ्तार सदस्य मनीषा मंढारे को अदालत में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने आरोपियों की चालाकी को देखते हुए सीबीआई ने पूरे 14 दिनों की कस्टडी सौंप दी है।
कोर्ट रूम के भीतर सीबीआई ने जो दलीलें दी, वह और ज्यादा चौंकाने वाला था। उन्होंने यह साफ कर दिया कि यह पेपर लीक कितना गहरा और सुनियोजित था।
सीबीआई ने क्या दलीलें दीं
सीबीआई ने अदालत को बताया कि मनीषा मंधारे कोई साधारण आरोपी नहीं है। वह बॉटनी और जूलॉजी के पश्न पत्रों का अनुवाद करने की एक्सपर्ट थीं। इसी वजह से उनकी पहुंच सीधे असली प्रश्न पत्रों तक थी और इसी का फायदा उठाकर उठाकर उन्होंने पूरी प्रणाली को धोखा दिया। मनीषा मंढारे इस पूरे खेल में अकेले नहीं थी। वह पीवी कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर एक गहरी साजिश के तहत काम कर रही थीं। जांच एजेंसी ने खुलासा किया कि मनीषा मंढारे ने अपने पास मौजूद असली प्रश्न पत्र को शुभम नाम के एक अन्य आरोपी को सौंप दिया था, जिसने इसे आगे बढ़ाया।
सीबीआई को मिली कस्टडी
सीबीआई ने कोर्ट से 14 दिनों की कस्टडी मांगते हुए कहा कि इस वक्त पूरे देश में एक साथ रेड चल रही है। क्योंकि यह नेटवर्क बहुत बड़ा है, इसलिए मनीषा मंढारे को जांच और सबूत जुटाने के सिलसिले में देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाना बेहद जरूरी है।
21 जून को फिर से होगा पेपर
दूसरी तरफ से नीट पेपर रद्द होने के बाद फिर से नई तारीख का ऐलान किया गया है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 21 जून को फिर से नीट परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि अगले साल से कंप्यूटर बेस्ट परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है।