Delhi Katra Expressway: राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की परियोजनाओं में से एक दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे से हरियाणा को कई बड़े फायदे मिलने वाले हैं। इस हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। साथ ही, दिल्ली से वैष्णो देवी और कश्मीर की यात्रा अब और ज्यादा आरामदायक हो जाएगी। बता दें, NHAI ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 के तहत दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे की परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल कर लिया है।
हरियाणा खंड की प्रगति और कनेक्टिविटी
बता दें, इस एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 669-670 किलोमीटर है। इसमें हरियाणा में करीब 135 किलोमीटर का हिस्सा शामिल है। जिसमें झज्जर, रोहतक, सोनीपत, जींद और कैथल जिला शामिल हैं। झज्जर के जसौर खेड़ी से शुरू होकर यह खरखोदा, गोहाना, जींद, असंध, कैथल होते हुए आगे बढ़ता है।
इसके अलावा इस एक्सप्रेसवे के लिए पंजाब के भी कुछ हिस्सा शामिल हैं। इनमें गुलजारपुर, पातड़ां, भवानीगढ़, धूरी, मलेरकोटला, अहमदगढ़, मुल्लांपुर दाखा, नूरमहल, करतारपुर और गुरदासपुर बाइपास का इलाका हैं। ये एक्सप्रेसवे इन इलाकों में होते हुए कटरा के पास एनएच-144 से जुड़ेगा।
यात्रा समय में क्रांतिकारी कमी
वर्तमान समय में दिल्ली से कटरा की दूरी सड़क मार्ग से करीब 727 किलोमीटर है, यानी करीब 10 से 14 घंटे का समय लगता है। लेकिन एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद यह दूरी घटकर 588 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे दिल्ली से कटरा की यात्रा लगभग 6-8 घंटे में पूरी हो जाएगी।
हरियाणा को मिलेगा आर्थिक और पर्यटन लाभ
हरियाणा के सोनीपत, बहादुरगढ़, झज्जर, रोहतक और अंबाला जैसे इलाकों में वेयरहाउसिंग, इंडस्ट्रियल पार्क और रियल एस्टेट को फायदा होगा औऱ बेहतर कनेक्टिविटी से दिल्ली-NCR से उद्योगों का विस्तार आसान होगा। इसके अलावा टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। वैष्णो देवी, स्वर्ण मंदिर और कश्मीर घाटी की यात्रा आसान हो जाएगी। साथ ही, किसान और व्यापारियों को भी बाजारों तक पहुंच होगी।