Middle East Tension: इधर अमेरिका ने सीजफायर को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। दूसरी तरफ ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक कंटेनर जहाज पर हमला कर दिया है। इस गोलीबारी में जहाज को नुकसान हुआ है। ब्रिटेन की सेना के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने कहा कि ईरान की आईरजीसी फोर्स ने जहाज पर हमला किया।
एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी गनबोट ने गोली चलाने से पहले जहाज को कई वॉर्निंग नहीं दी थी। राहत की बात ये है कि इस घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। ब्रिटिश सेना के अनुसार, जहाज लाइबेरिया के झंडे के साथ गुजर रहा था और उसे होर्मुज पार करने की अनुमति थी।
ईरान ने क्या कहा
ईरान की अर्ध आधिकारिक फोर्स और तस्त्रीम न्यूज एजेंसियां दोनों तो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स गार्ड का करीबी माना जाता है। इन दोनों ने हमले की पुष्टी की है। फोर्स का दावा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपने कंट्रोल को बस लागू करना चाह रहे हैं। बता दें कि यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल आपूर्ति के अहम माना जाता है। हालांकि, सीजफायर के ऐलान होने के बाद ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही को हरी झंडी दे दी थी। लेकिन हाल के दिनों में वहां पर जहाजों पर गोलीबारी की घटना बढ़ गई है।
शांति वार्ता का प्रयास जारी
बता दें कि अमेरिका-ईरान के बीच पहले दौर शांति वार्ता बेनतिजा रही थी। जहां कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच बात नहीं बनी। अब दूसरे दौर की बातचीत के लिए अमेरिका तैयार है, डोनाल्ड ट्रंप इसकी घोषणा भी कर चुके हैं लेकिन, ईरान की तरफ अभी हामी नहीं भरी गई है। ईरान का कहना है कि शांति वार्ता के पीछे अमेरिका अपनी चाल चर रहा है। वह कभी भी हमला कर सकता है। दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने शर्त नहीं मानी, तो ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया जाएगा।