Heat Stroke Prevention: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति ने लोगों को परेशान कर रखा है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉस्टेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और आउटडोर काम करने वालों में।
बता दें, हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है और ठंडक बनाने की प्रक्रिया रुक जाती है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकता है। हालांकि, सही सावधानियां बरतकर इसे जानलेवा बनने से रोका भी जा सकता है।
हीट स्ट्रोक के मुख्य लक्षण
1. तेज सिरदर्द, चक्कर आना या बेहोशी
2. अत्यधिक प्यास या बिल्कुल प्यास न लगना
3. जी मिचलाना, उल्टी या थकान
4. मांसपेशियों में ऐंठन
5. त्वचा का लाल होना, सूखना या ज्यादा पसीना आना
6. तेज धड़कन या सांस लेने में तकलीफ
7. भ्रम की स्थिति या बोलने में दिक्कत
हीट स्ट्रोक से बचाव के जरूरी टिप्स
1. खूब पानी पिएं: प्यास लगे या न लगे, दिन में 3-4 लीटर या उससे ज्यादा पानी पिएं। नारियल पानी, छाछ (लस्सी), नींबू पानी, ORS या इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थ लें। चाय, कॉफी, शराब और कोल्ड ड्रिंक्स से बचें क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं।
2. दोपहर की धूप से बचें: 11 बजे से 4 बजे के बीच (खासकर 12 से 4 बजे) बाहर निकलने से पूरी तरह बचें। अगर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी, स्कार्फ या सनग्लासेस का इस्तेमाल करें और छाया में रहें।
3. सही कपड़े चुनें: हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें जो हवा पास होने दें। हल्के रंग के कपड़े गर्मी को कम सोखते हैं।
4. घर को ठंडा रखें: दिन में पर्दे बंद रखें, रात में खिड़कियां खोलकर हवा आने दें। पंखे, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें। ठंडे पानी से नहाएं या गीले कपड़े से शरीर को पोछें।
5. खान-पान का ध्यान रखें: हल्का और पानी वाला भोजन लें – फल (खरबूजा, तरबूज, खीरा), सलाद और दही। भारी, तला-भुना या मसालेदार खाना कम करें।
6. खास समूहों का ख्याल रखें: बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों (हृदय रोग, डायबिटीज आदि) पर विशेष नजर रखें। उन्हें अकेला न छोड़ें और उनकी हालत नियमित चेक करें।
7. बाहर काम करने वालों के लिए: काम के दौरान हर 15-20 मिनट में छाया में आराम करें। पानी की बोतल साथ रखें। अगर थकान, चक्कर या सिरदर्द महसूस हो तो तुरंत काम रोक दें।
अगर लक्षण दिखें तो क्या करें?
व्यक्ति को तुरंत छाया में ले जाएं, कपड़े ढीले करें, ठंडे पानी से शरीर को पोछें या पंखा चलाएं। अगर होश में है तो पानी या ORS पिलाएं। तुरंत पास के अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। ये छोटी-छोटी सावधानियां हीट संबंधी बीमारियों से बचाव में बहुत कारगर साबित होती हैं। गर्मी का यह मौसम चुनौतीपूर्ण है, लेकिन जागरूकता और सही आदतों से इसे सुरक्षित तरीके से पार किया जा सकता है।