Voter List Cleaning: चुनाव आयोग जल्द ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का तीसरा और अंतिम चरण शुरू कर सकता है। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया इस महीने होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद शुरू की जा सकती है। इस समय केरला, असम, पुडुचेर्री, तमिलनाडु और वेस्ट बंगाल में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों की मतगणना 4 मई को होगी। अधिकारियों का कहना है कि SIR प्रक्रिया 29 अप्रैल को मतदान खत्म होने के बाद या फिर चुनाव परिणाम आने के बाद शुरू की जा सकती है।
इन राज्यों में प्रक्रिया हुई पूरी
अब तक 10 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। वहीं असम में मतदाता सूची का विशेष संशोधन भी किया गया है। उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, अब तक करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ लोगों को इस प्रक्रिया के तहत कवर किया जा चुका है। अब शेष करीब 39 करोड़ मतदाताओं को 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने दिए ये निर्देश
19 फरवरी को चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को SIR से जुड़ी तैयारियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए थे। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण पूरा हो जाएगा। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर विवाद भी सामने आए हैं। Bihar की तरह Tamil Nadu और West Bengal में भी राजनीतिक दलों ने इसे Supreme Court of India में चुनौती दी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने भी इस मुद्दे को लेकर अदालत में अपनी बात रखी है।
अधिकारियों ने किया था ये दावा
इसके अलावा, जब बिहार में ये प्रक्रिया चल रही थी, तब आयोग के अधिकारियों ने दावा किया था कि कुछ विदेशी नागरिक, जैसे बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमार के लोग मतदाता सूची में शामिल पाए गए। हालांकि, आयोग ने इस संबंध में कोई ठोस आंकड़े या सबूत सार्वजनिक नहीं किए। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के इस कदम पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि यह प्रक्रिया खास राजनीतिक दलों को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है। वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ और पारदर्शी बनाना है।