Legendary Indian Singer Asha Bhosle: भारतीय सिनेमा की अनमोल आवाज, पद्म विभूषण सम्मानित दिग्गज प्लेबैक सिंगर आशा भोसले (92) का आज मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने कार्डियक अरेस्ट और फेफड़ों के संक्रमण से जूझते हुए अंतिम सांस ली। अस्पताल में भर्ती होने के कुछ घंटों बाद उनका निधन हो गया। उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है।
बता दें, आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। वे पंडित दीनानाथ मंगेशकर की छोटी बेटी थीं। मात्र 9 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। संगीत उनकी रगों में बसा था, लेकिन जिंदगी ने उन्हें कई कठिन चुनौतियां दीं।
16 साल की उम्र में शादी और ससुराल की यातनाएं
सिर्फ 16 साल की उम्र में आशा ने लता मंगेशकर के सेक्रेटरी गणपतराव भोसले (उम्र 31 वर्ष) से प्रेम विवाह किया। परिवार की मर्जी के खिलाफ यह शादी हुई, जिससे बहन लता मंगेशकर सहित पूरे परिवार से रिश्ते टूट गए। लेकिन ये दुख यहीं खत्म नहीं हुआ। ससुराल में आशा को काफी हिंसा और मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ीं। पति और ससुराल वालों का व्यवहार क्रूर था। गणपतराव ने उन्हें घर से निकाल दिया, जब वे तीसरी बार गर्भवती थीं। आशा दो बच्चों के साथ मायके लौट आईं। बाद में 1960 में दोनों का अलगाव हो गया।
इस संघर्ष के बीच आशा ने गायिकी को अपना सहारा बनाया। उन्होंने कम बजट की फिल्मों में भी गाना शुरू किया और मेहनत से खुद की पहचान बनाई। इसके बाद में आर.डी. बर्मन से उनका विवाह हुआ, जिसने उनके संगीत करियर को नई ऊंचाई दी।
परिवार में दुखों का सिलसिला
आशा भोसले की जिंदगी न सिर्फ संगीत की सफलता से भरी थी, बल्कि निजी जीवन में कई दर्द भरे पल भी आए। उनकी बेटी वार्षा भोसले ने 8 अक्टूबर 2012 को आत्महत्या कर ली, जब वे 56 साल की थीं। बड़े बेटे हेमंत भोसले की भी असामयिक मौत हो गई। छोटे बेटे आनंद भोसले अब परिवार संभाल रहे हैं। इन दुखों के बावजूद आशा भोसले ने कभी हार नहीं मानी और अपनी अनोखी आवाज से करोड़ों दिलों को छुआ।
संगीत करियर का सुनहरा सफर
आशा भोसले ने 70 साल से ज्यादा के करियर में हजारों गाने गाए। ओ.पी. नैय्यर, आर.डी. बर्मन, खय्याम और अन्य महान संगीतकारों के साथ उन्होंने अमर गीत दिए। 'दम मारो दम', 'ऊँचे लोगों की', 'ये मेरे वतन के लोगो' जैसी धुनों से लेकर पॉप, घजल और लोक तक हर शैली में उन्होंने कमाल किया। उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे ज्यादा गाने गाने वाली गायिका के रूप में नाम दर्ज कराया। आशा भोसले की आवाज ने हिंदी सिनेमा को नई पहचान दी। उनका निधन संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। पूरे देश में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई हस्तियों ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।