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8वें वेतन आयोग के लिए बड़ा प्रस्ताव, न्यूनतम सैलरी 69,000 रुपये करने की मांग

Shivani Jha | 16 Apr, 2026

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल काउंसिल-जेसीएम ने आयोग को 51 पन्नों का एक मेमोरेंडम सौंपा है, जिसमें न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही 3.833 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की सिफारिश की गई है। ये प्रस्ताव मौजूदा 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से काफी बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जिसमें न्यूनतम वेतन ₹18,000 तय किया गया था। नई सिफारिशों का उद्देश्य बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देना है।

मेमोरेंडम में दिए गए सुझाव

मेमोरेंडम में ये भी सुझाव दिया गया है कि कर्मचारियों का सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए। इसके पीछे तर्क दिया गया है कि बढ़ती महंगाई के हिसाब से वेतन वृद्धि भी अधिक होनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। इसके अलावा, वेतन संरचना को आसान और संतुलित बनाने के लिए कुछ निचले और मध्यम स्तर के पे-बैंड्स को मर्ज करने का प्रस्ताव दिया गया है। वहीं, उच्च स्तर के पदों के लिए फिटमेंट फैक्टर के आधार पर वेतन तय करने की बात कही गई है।

हाउस रेंट अलाउंस को लेकर हुए बदलाव

हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर भी बड़े बदलाव सुझाए गए हैं। प्रस्ताव के अनुसार, X शहरों के लिए 40%, Y शहरों के लिए 35% और Z शहरों के लिए 30% HRA दिया जाना चाहिए। साथ ही, HRA को महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ने और हर पांच साल में शहरों की कैटेगरी की समीक्षा करने की सिफारिश की गई है। अन्य सुझावों में अतिरिक्त योग्यता रखने वाले कर्मचारियों को 10% अतिरिक्त वेतन, ओवरटाइम के लिए दोगुना भुगतान और स्वास्थ्य, रक्षा व लैब जैसे जोखिम भरे क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए बेहतर वेतन शामिल हैं। इन सिफारिशों का लाभ देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिल सकता है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अभी चर्चा और विचार-विमर्श होगा, जिसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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