Marco Rubio Statement: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत दौरे से पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करते अच्छे संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत जितनी ऊर्जा खरीदना चाहेगा, अमेरिका उतनी बेचने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी के साथ रुबियो ने भारत को महान सहयोगी और पार्टनर भी बताया।
बता दें, यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस से सस्ते तेल की खरीद को लेकर अमेरिका और भारत के बीच पहले खींचतान रही है। फरवरी 2026 में रुबियो ने ही कहा था कि भारत ने अतिरिक्त रूसी तेल खरीदने से इनकार करने की प्रतिबद्धता जताई है। लेकिन अब अमेरिका भारत को अपना एनर्जी पार्टनर बनाने की कोशिश तेज कर रहा है।
मार्को रुबियो का भारत दौरा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो 23 से 26 मई तक भारत दौरे पर रहेंगे। जहां वह कोलकाता, आगरा, जयपुर और नई दिल्ली में रुकेंगे। इसके बाद 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया)। जहां ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, रक्षा सहयोग और क्वाड मुद्दों पर बातचीत होगी। अमेरिकी दूतावास ने इस दौरे को नए अध्याय की शुरुआत बताया है। दोनों देश कई क्षेत्रों में साथ मिलकर अच्छा काम कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या बोले रुबियो?
अपने भारत दौरे से पहले रुबियो ने साफ किया कि भारत को जितनी एनर्जी चाहिए, वह हमसे खरीद सकता है, अमेरिका अपनी ऊर्जा बेचने को पूरी तरह से तैयार हैं। उनका कहना है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए अमेरिकी ऊर्जा पर विचार करें और उसे अपनाएं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को और बढ़ाना चाहता हैं, जिसके लिए बातचीत की जा रही है।
इस दौरान उन्होंने वेनेजुएला के तेल का भी जिक्र करते हुए कहा कि वेनेजुएला के अंतरिम राष्ट्रपति जल्द ही भारत का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारत हमारा शानदार साझेदार है। इसलिए यह यात्रा हमारे लिए अहम है, जिसमें कई सारे मुद्दों पर बातचीत हो सकती हैं।