US-Iran War: अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान अपना टॉप लीडर को लगातार खो रहा है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के खुफिया संगठन के प्रमुख माजिद खादेमी मारे गए हैं।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार कहा है। फिलहाल आईआरजीसी ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या कहां हुई। हालांकि, सोमवार यानी 6 अप्रैल की सुबह ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास के रिहायशी इलाकों में हमले किए गए।
खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की मौत
जानकारी के मुताबिक, माजिद खादेमी ने लगभग पांच दशकों तक ईरान की खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था में एक अहम योगदान दिया। खादेमी ने खुफिया और सुरक्षा के क्षेत्रों में क्रांति, व्यवस्था और इस्लामी मातृभूमि की के साथ लगभग आधी सदी तक महत्वपूर्ण, स्थायी और शिक्षाप्रद भूमिका निभाई है।आईआरजीसी ने कहा कि उनके प्रयास आने वाले कई सालों तक देश के खुफिया समुदाय के लिए एक मार्गदर्शक के रूप काम आएगा।, खासकर रणनीतिक स्तर पर विदेशी दुश्मनों का मुकाबला करने के दौरान।
ईरान में 25 लोगों की मौत
सोमवार को इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए सिलसिलेवार हमले में 25 से अधिक लोगों की मौत हो गई। यही नहीं ईरान ने भी इजरायल और उसके पड़ोसी देशों को निशाना बनाया। रविवार को हाइफा शहर में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल अटैक में दो लोगों की जान चली गई।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दिया अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगातार ईरान को अल्टीमेटम दिया जा रहा है। 5 अप्रैल को ही ट्रंप ने 48 घंटे की मोहलत दी गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास दो ही रास्ते है। पहला या तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दें। दूसरा परमाणु हथियार पर समझौते के लिए ईरान तैयार हो जाए। इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने इन दो में से किसी एक फॉर्मूले को लागू करने से मना किया तो भीषण हमला करेंगे। ईरान के ऊर्जा केंद्र को भी निशाना बनाया जा सकता है।