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UAE ने पाकिस्तान से मांगा 3.5 अरब डॉलर कर्ज, आर्थिक संकट और गहराने के आसार

Shivani Jha | 14 Apr, 2026

Pakistan Crisis: पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति एक बार फिर दबाव में आ गई है। संयुक्त अरब अमीरात यानी संयुक्त अरब अमीरात ने पाकिस्तान से अपने करीब 3.5 अरब डॉलर (लगभग ₹29 हजार करोड़) के कर्ज की वापसी की मांग कर दी है। इस कदम से पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर बड़ा असर पड़ सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान को इसी महीने सऊदी अरब को भी करीब 3.5 अरब डॉलर लौटाने हैं। अगर पाकिस्तान यह दोनों कर्ज चुका देता है, तो उसका विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से गिर सकता है। फिलहाल पाकिस्तान के पास करीब 16 अरब डॉलर का रिजर्व है, जो केवल तीन महीने के आयात के लिए ही पर्याप्त माना जा रहा है।

पाकिस्तान अब सऊदी अरब और चीन से कर रहा बातचीत

ऐसे में पाकिस्तान अब सऊदी अरब और चीन से नए कर्ज और निवेश के लिए बातचीत कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, दोनों देश मिलकर पाकिस्तान को 3.5 अरब डॉलर से ज्यादा की आर्थिक मदद दे सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ‘स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान’ में यूएई के 3 अरब डॉलर साल 2018 से जमा हैं, जिन्हें हर साल रोलओवर किया जाता था। लेकिन इस बार सात साल में पहली बार पाकिस्तान इस कर्ज को आगे बढ़ाने (रोलओवर) में असफल रहा है। इसके अलावा पाकिस्तान पर यूएई का 45 करोड़ डॉलर का एक और कर्ज भी बकाया है।

यूएई ने दी चेतावनी

यूएई ने साफ कर दिया है कि उसे इस महीने के अंत तक पूरा पैसा चाहिए। हालांकि पाकिस्तान कर्ज चुकाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता को लेकर अपनी भूमिका की तारीफ कर रहे थे। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि पाकिस्तान को आर्थिक मदद के लिए दूसरे देशों के सामने हाथ फैलाने पड़ रहे हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य पूर्व में बदलते समीकरण और सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान के बढ़ते रिश्तों की वजह से यूएई का यह कदम रणनीतिक भी हो सकता है। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इसे सामान्य वित्तीय प्रक्रिया बताया है और किसी तनाव से इनकार किया है। कुल मिलाकर, कर्ज वापसी की इस मांग ने पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है।

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