KhabarFast

पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की नहीं होगी किल्लत! सरकार ने कर दिया इंतजाम; होर्मुज के बंद होने से नहीं पड़ेगा फर्क

Sachin Kumar | 16 May, 2026

India-UAE Agreements: ईरान जंग की वजह से पूरे विश्व में उथल-पुथल मचा हुआ है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से तेल के आयात बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि, भारत में अभी तक दूसरे देशों की तरह किल्लत नहीं देखी गई है। सरकार का कहना है कि तेल का भंडारण प्रयाप्त मात्रा में है।

इसी बीच सरकार ने देश में ईंधन की कमी ना हो, इसके लिए बड़े समझौते किए हैं। दरअसल प्रधानमंत्री इस वक्त पांच देशों के विदेश दौरे पर गए हुए हैं। 15 मई को वह यूएई पहुंचे। जहां उन्होंने कई समझौते किए।

भारत-यूएई में अहम करार

पीएम मोदी 15 मई को यूएई के दौरे पर थे। जहां उन्होंने एनर्जी सिक्योरिटी को बड़े समझौते किए। जिसके तहत यूएई भारत में 30 मिलियन बैरल क्रूड ऑयल स्टोर करेगा। यूएई की कंपनी ADNOC ने भारत में कच्चे तेल के भंडारण को बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल करने पर सहमति जताई है। ये कंपनी पहले ही 60 लाख बैरल यानी आठ लाख टन कच्चा केल जमा करती है। यह स्ट्रैटजिक रिजर्व होगा। दूसरी तरफ ओमान के साथ बड़े समझौते करने की योजना है। भारत ओमान से डीप-सी गैस पाइपलाइन के जरिए गैस लाने पर विचार कर रहा है। यह प्रोजेक्ट 40000 करोड़ का है। इन दोनों समझौते एक तरह देश में एलपीजी की कमी नहीं होगी, तो दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल के भी प्रयाप्त मात्रा में होगा।      

Also read: तमिलनाडु में सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत, डीए बढ़ाकर 60% किया गया

वर्तमान में भारत के पास कितना भंडारण क्षमता

वर्तमान में भारत के पास विशाखापत्तनम, मंगलूरू औप पादुर में कुल 5.3 मिलियन टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार है, जो लगभग 38 मिलियन बैरल के बराबर है। मोदी सरकार ने 2021 में दूसरे चरण के तहत ओडिशा के चांदीखोल और पादुर में 6.5 मिलियन टन क्षमता वाले नए भंडार बनाने को मंजूरी दी थी। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। इसी बीच ADNOC और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बीच एलपीजी आपूर्ति और व्यापार विस्तार को लेकर भी समझौता हुआ है।