Success Story : UPSC को देश की सबसे कठिन परीक्षा में से एक माना जाता है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। कई उम्मीदवार कई बार प्रयास करने के बाद भी यूपीएससी एग्जाम क्रैक नहीं कर पाते। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी IAS अफसर के बारे में बताने जा रहे है जिन्होंने पूरी लगन और मेहनत से अपने सपने को पूरा किया। हम बात कर रहे हैं तस्कीन खान की।
आज भारतीय रेलवे में अफसर
एक समय था जब तस्कीन खान के पास कोचिंग की फीस के लिए पैसे नहीं थे। घर की आर्थिक स्थिति को लेकर वह हर रोज अपने आप को कोसती रहती थीं। फिर एक दिन लिए गए फैसले से उन्होंने किस्मत बदलने की ठान ली। लगातार मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता दिलाई और आज वह भारतीय रेलवे में अफसर हैं। आइए जानें कैसे उनकी सक्सेस स्टोरी लोगों को आगे बढ़ने का हौंसला देती है।
ट्यूशन पढ़ाकर निकाला खर्च
तस्कीन खान मूल रूप से उत्तराखंड की देहरादून की हैं। जोश टाॅक में उन्होंने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि बचपन से संघर्ष देखा। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने घर पर ट्यूशन पढ़ना शुरू किया जिससे अपनी पढ़ाई का खर्च निकल सके। हालांकि, उनकी मंजिल कुछ और थी और हमेशा उन्होंने आगे बढ़ने का सपना ही देखा। कठिन हालातों में भी उन्होंने खुद को मजबूत बनाए रखा और जीवन में कुछ बड़ा करने की ठान ली।
खुद को रोज कोसती थीं तस्कीन
वह बताती हैं कि घर की बड़ी बेटी होने के कारण उन पर परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ गई थीं। 2018 में उनका परिवार मेरठ आ गया था, इसके बाद स्थिति ज्यादा कठिन हो गई। उन्होंने कई UPPSC और UKPCS सहित कई गवर्मेंट जाॅब के लिए एग्जाम दिए थे लेकिन असफलता मिली। इस दौरान वह हर रोज कहीं न कहीं खुद को कोसती थीं कि वह क्यों अपने परिवारवालों का सहारा नहीं बन पा रही हैं।
ऐसे शुरू की UPSC की जर्नी
एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म से UPSC के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी का फैसला किया और इसे अपना लक्ष्य बना लिया। 2019 से उन्होंने पूरी गंभीरता के साथ तैयारी शुरू की। स्कॉलरशिप हासिल करने के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया से कोचिंग ली। शुरुआती असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अपनी गलतियों को सुधारते हुए आगे बढ़ती रहीं।
3 बार यूपीएससी में मिली असफलताओं
UPSC की तैयारी के दौरान कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। शुरुआती दौर में उन्हें लगातार 3 बार प्रारंभिक परीक्षा में असफलता मिली थी। जब रिजल्ट मन के मुताबिक नहीं था तो रोना आता था। इस दौरान अकेलापन और तनाव इतना बढ़ गया कि जीवन कठिन लगने लगा, लेकिन उन्होंने धीरे-धीरे खुद को संभाला और हिम्मत नहीं हारी। क्योंकि आगे बढ़ने के अलावा कोई दूसरा विकल्प ही नहीं था।
चौथे प्रयास में मिली सफलता
अपने चौथे प्रयास में तस्कीन खान ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया 736वीं रैंक हासिल की। परीक्षा से ठीक पहले पिता की तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी। उनकी यह सफलता मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास का परिणाम है। आज वे भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (IRMS) में एक बड़ी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।