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Mahavir Jayanti 2026: कब मनाई जाएगी महावीर जयंती? यहां जानें इस दिन का महत्व और भगवान महावीर के उपदेश

Parth Jha | 28 Mar, 2026

Mahavir Jayanti 2026 Date: जैन धर्मावलंबियों के लिए सबसे पवित्र त्योहारों में से एक महावीर जयंती इस साल 31मार्च मंगलवार को मनाई जाएगी। यह भगवान महावीर स्वामी का 2624वां जन्मोत्सव है। चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है। त्रयोदशी तिथि 30 मार्च 2026को सुबह 7:09बजे शुरू होगी और 31मार्च 2026को सुबह 6:55बजे समाप्त होगी। जैन समुदाय इस दिन को बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाता है। देशभर में जैन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रथ यात्रा, भजन-कीर्तन और दान-पुण्य के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

भगवान महावीर कौन थे?

भगवान महावीर जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर थे। उनका जन्म लगभग 599ईसा पूर्व चैत्र शुक्ल त्रयोदशी को कुंडलपुर (वर्तमान बिहार) में हुआ था। उन्होंने 30वर्ष की आयु में गृहस्थ जीवन त्यागकर साधना की और 42वर्ष की आयु में कैवल्य ज्ञान प्राप्त किया। उन्होंने पूरे भारत में भ्रमण कर अहिंसा, सत्य और आत्म-शुद्धि का संदेश फैलाया। उनका निर्वाण 72वर्ष की आयु में पावापुरी में हुआ।

भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत

भगवान महावीर ने मानव जीवन को सही दिशा देने के लिए पांच महान व्रत (महाव्रत) दिए, जो जैन धर्म की नींव हैं। ये सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं और शांति, सदाचार तथा पर्यावरण संरक्षण का मार्ग दिखाते हैं:

1. अहिंसा: सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत। ‘अहिंसा परमो धर्म’ – किसी भी प्राणी को शारीरिक, वाचिक या मानसिक रूप से कष्ट न पहुंचाना। यह केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं, बल्कि सभी जीवों के प्रति दया का भाव रखना है।

2. सत्य: हमेशा सत्य बोलना और सत्य का आचरण करना। झूठ से बचना और वाणी को शुद्ध रखना।

3. अस्तेय (अचौर्य): चोरी न करना। दूसरों की वस्तु बिना अनुमति के न लेना और लोभ से दूर रहना।

4. ब्रह्मचर्य: संयमित जीवन। इंद्रियों पर नियंत्रण रखना और शारीरिक-मानसिक शुद्धता बनाए रखना।

5. अपरिग्रह: संग्रह की भावना का त्याग। अनावश्यक संपत्ति और भोग-विलास से दूर रहना। जरूरत से ज्यादा इकट्ठा न करना।

महावीर जयंती का महत्व

यह त्योहार केवल जैन समुदाय तक सीमित नहीं है। यह अहिंसा, करुणा और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देता है। वर्तमान समय में जब हिंसा, पर्यावरण प्रदूषण और भौतिकवाद बढ़ रहा है, महावीर के सिद्धांत समाधान का रास्ता दिखाते हैं। कई गैर-जैन लोग भी इस दिन अहिंसक भोजन ग्रहण करते हैं और शांति संदेश फैलाते हैं।