Delhi Dehradun Expressway: लंबे समय के इंतजार के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अब जल्द ही होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को सहारनपुर दौरे के दौरान इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। उनके दौरे के दौरान एक सार्वजनिक सभा का आयोजन भी होगा और इसके बाद वे उत्तराखंड के प्राचीन माँ दात काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। उद्घाटन समारोह सहारनपुर के गणेशपुर में होगा, जबकि सार्वजनिक सभा महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। आयोजन की तैयारियां तेजी से जारी हैं और कई एजेंसियां समन्वित रूप से काम कर रही हैं।
ये मंत्री भी हो सकते हैं उद्घाटन में शामिल
प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए एक्सप्रेसवे के आसपास छह हेलिपैड बनाने की योजना है, जिनकी जांच-परख भी चल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सहारनपुर जिला प्रशासन के अधिकारी तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। संभावना है कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उद्घाटन समारोह में शामिल हो सकते हैं।
यात्रा में समय की होगी बचत
ये एक्सप्रेसवे परियोजना 2021 में शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को काफी कम करना था। शुरुआत में इसे 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन निर्माण में देरी के कारण यह 2026 में पूरी हुई। लगभग चार साल और छह महीने में यह परियोजना 12,000-13,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरी हुई है।
आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार हुआ एक्सप्रेसवे
यह छह लेन का हाईवे आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है, जिसमें यात्रा की गति और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखा गया है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री का माँ दात काली मंदिर का पहला दौरा होगा, जिससे मंदिर का पर्यटन महत्व बढ़ेगा। मंदिर के पास एक फ्लाईओवर भी बनाया गया है ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के लिए सुविधाजनक पहुंच मिल सके और मंदिर का माहौल सुरक्षित रहे।
एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर
इस एक्सप्रेसवे की खासियतों में 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर है, जो गणेशपुर से दात काली मंदिर तक जाता है। यह राजाजी टाइगर रिजर्व और बिंदाल नदी से गुजरता है और एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर माना जा रहा है। यहां जंगली जानवर जैसे हाथी, बाघ, हिरण और बारासिंगा सुरक्षित रूप से अपने प्राकृतिक आवास में घूम सकते हैं। एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच बिना रुकावट यात्रा संभव होगी। कार के लिए गति सीमा 100 किमी/घंटा, भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 60 किमी/घंटा तय की गई है। ओवरस्पीडिंग पर ऑटोमेटेड सिस्टम से जुर्माना लगाने की भी व्यवस्था की गई है।