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पीएम मोदी की वर्क फ्रॉम होम अपील से फिर से चर्चा में, जानिए फायदे और नुकसान

Shivani Jha | 11 May, 2026

PM Modi Work From Home Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार बढ़ रही वैश्विक चुनौतियों और ईंधन संकट को देखते हुए कंपनियों से वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर ज्यादा लोग घर से काम करेंगे तो देश में करोड़ों रुपये का पेट्रोल-डीजल बचाया जा सकता है। इसके साथ ही ट्रैफिक और प्रदूषण भी कम होगा। पीएम मोदी की इस अपील के बाद एक बार फिर वर्क फ्रॉम होम मॉडल चर्चा में आ गया है।

वर्क फ्रॉम होम क्यों जरूरी? 

दरअसल, कोरोना महामारी के दौरान देशभर में वर्क फ्रॉम होम का ट्रेंड तेजी से बढ़ा था। उस समय आईटी कंपनियों समेत कई बड़े संस्थानों ने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा दी थी। अब पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, ट्रैफिक जाम और आर्थिक दबाव के कारण यह मॉडल फिर से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या कहते है विशेषज्ञ?

विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में रोजाना लाखों लोग ऑफिस आने-जाने में घंटों बिताते हैं. इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है. ऐसे में घर से काम करना कर्मचारियों के लिए राहत साबित हो सकता है. इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ कंपनियों का ऑफिस खर्च भी कम होगा।

वर्क फ्रॉम होम के फायदे

वर्क फ्रॉम होम के कई फायदे बताए जा रहे हैं। सबसे बड़ा फायदा समय की बचत है. कर्मचारियों को रोज ट्रैफिक में फंसकर ऑफिस नहीं जाना पड़ता। इसके अलावा पेट्रोल, बाहर खाने और फॉर्मल कपड़ों पर होने वाला खर्च भी कम हो जाता है। लोग अपने घर के आरामदायक माहौल में काम कर सकते हैं।

वर्क फ्रॉम होम के नुकसान

हालांकि इसके कुछ नुकसान भी हैं। लंबे समय तक घर से काम करने पर कई कर्मचारियों में अकेलेपन की समस्या बढ़ जाती है। ऑफिस में आमने-सामने बातचीत और टीमवर्क की कमी महसूस होती है। कई बार घर पर रहने के कारण काम के घंटे भी बढ़ जाते हैं और वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ जाता है। इसके अलावा साइबर फ्रॉड का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। पिछले कुछ वर्षों में वर्क फ्रॉम होम के नाम पर नौकरी देने वाले फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आए हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कंपनी को नौकरी के बदले सिक्योरिटी डिपॉजिट या पैसे नहीं देने चाहिए। अब पीएम मोदी की अपील के बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में कई कंपनियां फिर से हाइब्रिड और वर्क फ्रॉम होम मॉडल को अपनाने पर विचार कर सकती हैं। 

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