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पाकिस्तान के हवाई हमले में काबुल में 4 लोगों की मौत, सीमा पर बढ़ा तनाव

Parth Jha | 13 Mar, 2026

Afghanistan Pakistan War: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल और सीमा से लगे इलाकों में पाकिस्तान की ओर से किए गए ताजा हवाई हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। अफगान अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इन हमलों के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

चार लोगों की गई जान

अफगान पुलिस के प्रवक्ता खलील जदरान के मुताबिक, काबुल में हुए हमले में चार लोगों की जान चली गई और करीब 15 लोग घायल हुए हैं। हमले में जिन घरों को निशाना बनाया गया, उनमें महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे।

क्यों हुआ ये हमला? 

वहीं, पाकिस्तान के एक सुरक्षा अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि पाकिस्तान ने रात में कार्रवाई की और उसका निशाना पाकिस्तानी तालिबान यानी टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकाने थे। पाकिस्तान का कहना है कि हाल के महीनों में देश में बढ़ते आतंकी हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की जा रही है।

ईंधन डिपो को भी पहुंचा नुकसान

हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अफगान जमीन का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ आतंकवाद के लिए नहीं किया जा रहा है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तान के हवाई हमले सिर्फ काबुल तक सीमित नहीं रहे। ये हमले दक्षिणी प्रांत कंधार और पूर्वी प्रांत पक्तिया तथा पक्तिका में भी किए गए। कंधार में एयरपोर्ट के पास स्थित काम एयर एयरलाइन के ईंधन डिपो को भी नुकसान पहुंचा।

लोग छोड़ रहे अपना घर

दूसरी तरफ पाकिस्तान का दावा है कि उसकी कार्रवाई में किसी भी नागरिक की मौत नहीं हुई है। हालांकि दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल है। पिछले कुछ हफ्तों से अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच सीमा पर लगातार झड़पें हो रही हैं। इससे सीमा के पास रहने वाले लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और व्यापार भी प्रभावित हुआ है।

अफगानिस्तान में 56 नागरिकों की हुई थी मौत

संयुक्त राष्ट्र के मिशन यूएनएएमए के अनुसार, 26 फरवरी से 5 मार्च के बीच पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई में अफगानिस्तान में 56 नागरिकों की मौत हुई है, जिनमें 24 बच्चे शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक, इस संघर्ष के कारण करीब 1 लाख 15 हजार लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। हालात को देखते हुए क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है।