CBSE Rules For Third Language: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने एक जुलाई से कक्षा 9 तक के छात्रों के लिए तीन भाषाओं की पढ़ाई अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि, कक्षा 10 में तीसरी भाषा के लिए कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी।
सीबीएसई की तरफ से कहा गया है कि एक जुलाई 2026 से कक्षा 9 के लिए तीन भाषाओं की शिक्षा अनिवार्य है। जिनमें कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए। सीबीएसई के परिपत्र के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा के मुताबिक दो भाषाएं अनिवार्य हैं।
क्या है सीबीएसई के नियम
बता दें कि सीबीएसई माध्यमिक विद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार संबंधित भाषा विषयों को तीन स्तर आर1, आर2 और आर3 में बांटा गया है। आर1 छात्र की मुख्य भाषा होगी, आर2 दूसरी भाषा होगी और आर3 शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से अनिवार्य होगी और 2030-31 तक कक्षा 10 तक पूरी तरह से लागू हो जाएगी। वहीं, आर1 और आर2 स्तर पर चुनी गई भाषाएं एक जैसी नहीं हो सकती है। सीबीएसई की तरफ से कहा गया है कि भारत की दो भाषाए हिन्दी, अंग्रेजी और 42 अन्य भाषाएं शामिल हैं।
नौवीं कक्षा से दो स्तरीय गणित और विज्ञान
गणित और विज्ञान में 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से दो-स्तरीय प्रणाली लागू होगी। सभी छात्र गणित के मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे। जिसमें तीन घंटे की 80 अंकों की एक सामान्य परीक्षा शामिल है। जबकि उन्नत घटक में उच्च-स्तरीय सोच कौशल का परीक्षण करने के लिए 25 अंकों का अलग से प्रश्नपत्र होगा। नया पाठ्यक्रम मौजूदा बुनियादी और मानक गणित प्रणाली का स्थान लेगा। बता दें कि गणित और विज्ञान में दो स्तरीय प्रणाली 2026-27 में शुरू होगी और 10वीं कक्षा की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में होगी।