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तमिलनाडु में 10 दिन पहले बनी विजय सरकार पर संकट, सहयोगी दल ने समर्थन वापसी की दी धमकी; जानें पूरा मामला

Nancy | 20 May, 2026

CPIM Support Withdrawal: अभिनेता से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार बने सिर्फ 10 दिन ही हुए है। लेकिन इस बीच पार्टी के सामने बहुत बड़ा संकट आ गया है। दरअसल, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद CPI(M) ने चेतावनी दी है कि अगर TVK सरकार AIADMK के किसी गुट को कैबिनेट में शामिल करती है या उसके साथ कोई समझौता करती है, तो वह अपना बाहरी समर्थन वापस ले लेगी।

CPI(M) के राज्य सचिव ने क्या कहा?

बता दें, CPI(M) के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने कहा कि जनता ने हालिया चुनाव में DMK और AIADMK को साफ तौर पर नकार दिया था। इसलिए AIADMK को सरकार में शामिल करना या उसके सहारे शासन चलाना जनादेश का अपमान होगा। उन्होंने कहा 'हमने TVK का साथ इसलिए दिया था कि क्योंकि तमिलनाडु फिर से दोबारा चुनाव का सामना करने को तैयार नहीं था। दूसरा कारण यह था कि राज्य में राष्ट्रपति शासन न लगे और BJP पीछे से सत्ता में न आए। तीसरा कारण था कि जनादेश DMK और AIADMK के खिलाफ था, इसीलिए TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी लेकिन उसको भी बहमुत नहीं मिल सका।'

पी षणमुगम ने आगे कहा 'सरकार बनाने का मौका सिर्फ उन्हीं के पास था, उसी आधार पर जनता की पसंद की सरकार तमिलनाडु में बननी चाहिए। इस इरादे से वामपंथी दलों और VCK ने TVK को बाहर से समर्थन देने का फैसला किया था। ऐसे में अगर वो AIADMK से समर्थन लेते हैं या फिर उनके नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करते हैं तो ये जनादेश और विजय के चुनावी वादे के खिलाफ होगा।' 

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CPI(M) का अल्टीमेटम

पी षणमुगम ने साफ तौर पर कहा कि अगर TVK में AIADMK और DMK के लोगों को शामिल किया गया तो ये जनादेश के खिलाफ होगाउन्होंने कहा 'हमें उम्मीद है कि वे ऐसा कोई फैसला नहीं करेंगे, लेकिन अगर उन्होंने AIADMK के किसी ग्रुप या AIADMK के साथ जाकर सरकार चलाने का फैसला किया तो हम अपने फैसले पर दोबारा से विचार जरूर करेंगे।' 

मालूम हो कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में TVK 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी। लेकिन कुल बहुमत 118 से थोड़ी दूर रही। जिस वजह से कांग्रेस (5 सीटें), CPI, CPI(M) (2-2 सीटें), VCK और IUML के बाहरी समर्थन से विजय ने 10 मई 2026 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसी के साथ सरकार ने फ्लोर टेस्ट भी पार कर लिया था। लेकिन हाल में AIADMK के कुछ बागी विधायकों ने विजय सरकार को समर्थन दिया, जिससे सियासी समीकरण बदल गए। जिस पर CPI(M) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। तो वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और DMK नेता एमके स्टालिन पहले ही दावा कर चुके हैं कि यह सरकार लंबे समय तक नहीं टिकेगी।