Justice Verma Resigns: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंपा है। बता दे कि कैश कांड के बाद दिल्ली हाईकोर्ट से उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया था।
जस्टिस वर्मा ने 5 अप्रैल 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज के तौर पर शपथ ली थी। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह का खुलासा नहीं किया। हालांकि, इस पद पर सेवा करने को सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि मैं दुख के साथ इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद से तत्काल इस्तीफा दे रहा हूं।
क्या है कैश कांड वाला मामला
दरअसल, 14 मार्च को दिल्ली स्थिति जस्टिस यशंवत वर्मा के आधिकारिक आवास के एक स्टोररूम में आग लग गई थी। आग बुझाने के दौरान भारी मात्रा में उनके घर से जले हुए नोट बरामद हुए थे। जिसके बाद ये मुद्दा राष्ट्रीय स्तर तक उछाला गया। विवाद बढ़ता देख उनको दिल्ली से इलाहबाद भेजा गया। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस ने एक कमेटी बनाई थी। जिसने जस्टिस वर्मा को उनके पद से हटाने की सिफारिश की थी। लेकिन, जस्टिस वर्मा अपने पद से इस्तीफा देने को तैयार नहीं थे।
महाभियोग लाने की हो रही थी तैयारी
जस्टिस वर्मा के खिलाफ विवाद बढ़ने के बाद संसद में उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू की गई। लोकसभा के 146 सांसदों ने उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। लोकसभा अध्यक्ष ने जजों की जांच के लिए बनाए गए अधिनियम के तहत तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इसकी प्रकिया अभी चल रही है। इस बीच जस्टिस जशवंत वर्मा ने इस्तीफा दे दिया है।