IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग की टीम राजस्थान रॉयल्स की ओनरशिप को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। हाल ही में यह खबर आई थी कि मित्तल फैमिली और अदार पूनावला ने करीब 15,660 करोड़ रुपये में इस फ्रेंचाइजी को खरीदने की डील की है। लेकिन अब इस पूरे सौदे पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, काल सोमानी के नेतृत्व वाला एक कंसोर्टियम इस डील से खुश नहीं है और अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। यह ग्रुप पहले राजस्थान रॉयल्स को खरीदने की रेस में सबसे आगे माना जा रहा था।
सोमानी ग्रुप ने किया दावा
सोमानी ग्रुप का दावा है कि वे डील को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। उनका कहना है कि पिछले 10 दिनों से वे भुगतान और बाकी प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए तैयार बैठे थे। लेकिन उनके अनुसार, जानबूझकर देरी की गई और साथ ही दूसरी पार्टी से भी बातचीत चलती रही। कंसोर्टियम ने यह भी कहा कि उन्होंने टीम से जुड़े कुछ अहम मुद्दों पर सवाल उठाए थे। इनमें बकाया भुगतान, कानूनी मामलों और भविष्य की मैनेजमेंट व्यवस्था जैसे विषय शामिल थे। इन सवालों के सही जवाब नहीं मिलने से दोनों पक्षों के बीच भरोसा कम हो गया।
क्या है डील टूटने की वजह?
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि डील टूटने की एक बड़ी वजह टीम के भविष्य के मैनेजमेंट को लेकर मतभेद थे। खासकर मनोज बडाले की भूमिका को लेकर सहमति नहीं बन पाई। मौजूदा डील में उन्हें अहम भूमिका दी जा रही है, जबकि सोमानी ग्रुप उनकी भूमिका सीमित करना चाहता था। फिलहाल मित्तल फैमिली और अदार पूनावाला के साथ हुई डील आगे बढ़ रही है।
किसकी कितनी हिस्सेदारी
इस डील में मित्तल परिवार करीब 75% हिस्सेदारी लेगा, जबकि पूनावाला के पास लगभग 18% हिस्सेदारी होगी। बाकी हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों के पास रहेगी। हालांकि, यह डील अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुई है। इसे भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड, कम्पटीशन कमीशन ऑफ इंडिया और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की मंजूरी मिलनी बाकी है। अगर सोमानी ग्रुप कानूनी कार्रवाई करता है, तो इस डील में और देरी हो सकती है। ऐसे में आने वाले समय में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।