Heatwave Causes Death:दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में हीटवेव का कहर जारी है। दिल्ली में तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, चढ़ते पारा की वजह से लोगों की जान भी जा रही है। पिछले पांच साल में हजारों लोगों की जान गर्मी के कारण गई है। सबसे ज्यादा मौत बिहार और महाराष्ट्र में हुई है।
गृह मंत्रालय के नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़े के अनुसार, साल 2018 से 2022 तक महाराष्ट्र में 470 लोगों की जान गई है। वहीं, दूसरे नंबर पर बिहार है। जहां गर्मी के कारण पांच साल में 217 लोगों की मौत हुई है।
हीटवेव की कैसे होती है घोषणा
भारत के अलग-अलग हिस्सों में हीटवेव के मानक अलग हैं। मौसम विभाग का कहना है कि मैदानी और पहाड़ी इलाकों में अलग-अलग तापमान पर हीटवेव की घोषणा की जाती है। मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक होने पर टीटवेव घोषित कर दिया जाता है। हालांकि, 40 के बाद भी 6.5 या उससे अधिक तापमान बढ़ता है तो इसे गंभीर हीटवेव श्रेणी रखा जाता है। वहीं, पहाड़ी इलाकों में अगर अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक हो जाए तब हीटवेव की घोषणा होती है।
हीटवेव कैसे बन जाती है काल
दरअसल, हीटवेव के दौरान सूरज की किरणें सीधी पड़ती हैं। जिसके कारण जमीन और हवा दोनों गर्म रहती हैं। इस वजह से शरीर के तापमान को कंट्रोल करने की क्षमता बिगड़ जाती है। तापमान बढ़ने के साथ जब शरीर ओवरहीट होने लगता है तो जानलेवा स्थिति बनती है। हालांकि, इसमें कई और कारण भी है। जैसे- शरीर में पानी की कमी होना। शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है। अगर पानी और नमक की भरपाई नहीं होती, तो डिहाइड्रेशन हो जाता है, जिससे चक्कर, बेहोशी और जान तक जा सकती है।