Sonipat News: हरियाणा के सोनीपत जिले के खरखौदा में आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को वितरित की जा रही प्रोटीन मिल्क बार में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। सैदपुर क्षेत्र के कई घरों में बांटी गई मिल्क बार के एक पैकेट को खोलने पर उसमें कीड़े मिलने से हड़कंप मच गया। इसके बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मिल्क बार जनवरी 2026 में निर्मित बताई जा रही है, जबकि इसकी एक्सपायरी डेट 25 अप्रैल 2026 है। एक्सपायरी से पहले ही उत्पाद में इस तरह की खराबी मिलने से सप्लाई प्रक्रिया और गुणवत्ता जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की शिकायत सीडीपीओ नीलम को दी गई। उन्होंने बताया कि पहले इस तरह की कोई शिकायत उनके पास नहीं आई थी, लेकिन वीडियो सामने आने के बाद तुरंत संज्ञान लिया गया। उन्होंने सभी आंगनबाड़ी वर्करों, आशा वर्करों और सुपरवाइजर्स को निर्देश दिए हैं कि संबंधित मिल्क बार के सभी पैकेट वापस लेकर जमा किए जाएं और उनकी जांच कराई जाए।
जांच में जुटा प्रशासन
सीडीपीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि खरखोदा ब्लॉक की सुपरवाइजरों को समय-समय पर कंपनी में जाकर सामग्री की जांच करनी होती है। इसके बावजूद यदि लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यदि जांच में उत्पाद में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कंपनी का टेंडर रद्द करने के लिए सरकार को पत्र भेजा जाएगा।
लोगों में भारी रोष
उधर, इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि जिन उत्पादों को बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण के लिए दिया जा रहा है, उनमें इस तरह की लापरवाही बेहद खतरनाक है और इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।