Haryana News: देश में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत के बीच 10 मई को पीएम मोदी ने देशवासियों से 7 बड़ी अपील की थी। जिसका असर अब साफ-साफ दिखने लगा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पहले ही अपने काफिल में गाड़ियों की संख्या कम कर दी है।
अब सीएम सैनी के नए फैसले के तहत सभी मंत्री-अफसर वर्चुअल मीटिंग करेंगे। यह जानकारी खुद सीएम सैनी ने एक कार्यक्रम में दी है। आदेश के तहत सभी विभागों को सरकारी वाहनों का सीमित उपयोग करने और फिजूलखर्ची रोकने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
सीएम सैनी ने पेश कि मिसाल
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में मुख्यमंत्री, मंत्री ,ओएसडी और सीएमओ से जुड़े अधिकारी हर साल सरकारी गाड़ियों में लगभग 5.50 करोड़ रुपए का तेल खर्च करते हैं। यह खर्च करीब 75 गाड़ियों और सरकार के 3 जहाजों का है। सीएम सैनी ने इस अभियान की अगुवाई करते हुए मिसाल पेश की है। उन्होंने अपने सुरक्षा काफिले में गाड़ियों की संख्या 8 से घटाकर 4 कर दी है। सीएम सैनी ने साफ कहा है कि अगले आदेश तक सिर्फ जरूरी वाहन ही उनके काफिले में शामिल होंगे।
मंत्री ने भी लिए एक्शन
लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एंव लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों विभाग की समीक्षा की। साथ ही उन्होंने अपने काफिले से पायलट व्हीकल समेत 17 गाड़ियों को वापस लेने का आदेश दिया। वहीं, कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने भी सरकारी गाड़ी को छोड़कर रोडवेज बस और ऑटो से सफर किया। इसके अलावा, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण लाल मिड्ढा अपने दफ्तर ई-रिक्शा से गए। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भी चंडीगढ़ तक का सफर ट्रेन से किया था।