Suvendhu Adhakari Story: 2026 का आरंभ भाजपा के लिए प्रचंड हुआ है। वर्षां से बंगाल में सत्ता पाने की चाहत रखने वाली भाजपा का 2026 में इंतजार खत्म हुआ। 2026 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी के किले को धवस्त करते हुए भाजपा ने पहली बार राज्य में सरकार बनाई और शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने।
अगर बंगाल में भाजपा सरकार बनी है, तो उसमें सबसे बड़ा योगदान शुभेंदु अधिकारी है। जिन्होंने न सिर्फ टीएमसी का सफाया किया बल्कि ममता बनर्जी को भी दो बार पटखनी दी। राजनीतिक में महारत हासिल कर चुके शुवेंदु के बारे में कम ही लोगों को पता है कि उन्होंने शादी नहीं की है। शादी नहीं करने की वजह उन्होंने बताई है, चलिए जानते हैं।
शुभेंदु ने क्यों नहीं की शादी
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि वह 1987 से राजनीति में हैं। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को राजनीति को पूरी तरह से खुद को समर्पित कर दिया। शादी न करने के सवाल पर उन्होंने अपने इलाके के तीन स्वतंत्रता सैनानियों का नाम लिया। सतीश सामंतो, सुशील धारा, अजय मुखर्जी। उन्होंने कहा कि ये तीनों बहुत ही बढ़िया स्वतंत्रता की लड़ाई लड़े थे और तीनों ही अविवाहित थे। शुभेंदु ने कहा कि उन्होंने इन तीनों के नक्शे कदम पर चलते हुए शादी न करने का निर्णय लिया और खुद को जनता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।
जनता के लिए काम करना है- शुभेंदु
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि अपना पूरा समय जनता के काम में लगाना चाहते हैं। साथ ही अविवाहित होने पर उन्होंने कहा कि ये बहुत ही अच्छा संकेत है। शादी नहीं हुई तो काम करने के लिए समय वक्त है। पीछे कोई जिम्मेदारी भी नहीं है। माता-पिता हैं, वे स्वस्थ्य और खुश रहें, ये उनका काम है। वह पावर का दुरुपयोग भी नहीं कर सकते हैं। शुभेंदु अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी भी राजनीति की लंबी पारी खेल चुके हैं। वह शुभेंदु अधिकारी के शादी नहीं करने के फैसले से नाराज थे।