नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल पास न होने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कल जो हुआ वो लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ी जीत थी। संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की सरकार की जो साजिश थी, उसको रोका गया। यह संविधान की जीत थी, देश की जीत थी और विपक्ष की एकता की जीत थी और यह सत्ता पक्ष के नेताओं के चेहरों पर साफ दिख रहा था।
प्रियंका गांधी ने कहा कि मुझे लगता है कि यह एक साज़िश है कि किसी तरह उन्हें सत्ता में बने रहना है। इसलिए इसे हासिल करने के लिए, वे महिलाओं का इस्तेमाल करके हमेशा सत्ता में बने रहने की प्लानिंग कर रहे हैं। उन्होंने सोचा कि अगर यह पास हो गया, तो वे जीत जाएंगे। अगर यह पास नहीं हुआ, तो वे दूसरी पार्टियों को महिला विरोधी बताकर महिलाओं के मसीहा बन जाएंगे। हम जानते हैं कि महिलाओं के लिए मसीहा बनना आसान नहीं है।
ये महिला आरक्षण बिल की बात नहीं थी- प्रियंका गांधी
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि ये महिला आरक्षण बिल की बात नहीं थी। यह बात परिसीमन से जुड़ी हुई थी। मोदी सरकार को परिसीमन इस आधार पर करना था, जिसमें उसे जातिगत जनगणना के आंकड़ों को देखने की जरूरत नहीं होती और मनमानी करने की पूरी आजादी होती। ऐसे में मुमकिन ही नहीं था कि विपक्ष मोदी सरकार का साथ दे। पूरे देश ने देख लिया है कि जब विपक्ष एकजुट होता है तो कैसे मोदी सरकार को हराया जाता है।
मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा है- प्रियंका गांधी
वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि मोदी सरकार को पहली बार धक्का लगा है, इसलिए इसे 'ब्लैक डे' कह रही है। ये धक्का लगना बहुत जरूरी था। आज महिलाओं का संघर्ष बहुत बढ़ चुका है। वे सरकार का PR और मीडियाबाजी देख रही हैं, समझ रही हैं। इसलिए अब वो सब नहीं चलेगा।