Modified UDAN Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली महत्वाकांक्षी ‘Modified UDAN’ योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर कुल ₹28,840 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जो अगले 10 सालों तक चलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि अब आम नागरिक, छोटे-मोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों के लोग भी आसानी से हवाई यात्रा कर सकें।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि Modified UDAN योजना भारत की हवाई अवसंरचना को पूरी तरह बदलने वाली साबित होगी। योजना के तहत 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। ये एयरपोर्ट मुख्य रूप से मौजूदा अनसर्व्ड एयरस्ट्रिप्स को अपग्रेड करके बनाए जाएंगे। साथ ही 200 आधुनिक हेलिपैड भी बनाए जाएंगे, खासकर हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्यों, द्वीप समूहों और आकांक्षी जिलों में।
योजना की मुख्य विशेषताएं
1. 100 नए एयरपोर्ट: चैलेंज मोड में विकसित किए जाएंगे। औसतन ₹100 करोड़ प्रति एयरपोर्ट की लागत आएगी।
2. ₹12,159 करोड़ का बजटीय समर्थन एयरपोर्ट विकास के लिए।
3. Made-in-India विमानों को प्राथमिकता, जिससे स्वदेशी विमानन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
4. टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच सस्ती और नियमित उड़ानों को बढ़ावा।
5. छोटे विमानों और हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता।
बता दें, यह योजना पहले की UDAN स्कीम का विस्तारित और संशोधित रूप है। अब लक्ष्य सिर्फ उड़ानें शुरू करना नहीं, बल्कि स्थायी और लाभदायक हवाई संपर्क सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि इससे ‘घोस्ट एयरपोर्ट्स’ की समस्या भी खत्म होगी और देश के कोने-कोने में हवाई सेवा पहुंचेगी।
आम आदमी के लिए कितना बड़ा फायदा?
Modified UDAN योजना का सबसे बड़ा मकसद हवाई यात्रा को आम नागरिक की पहुंच में लाना है। अब छोटे शहरों, पहाड़ी इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों के लोग भी बिना ज्यादा खर्च किए हवाई जहाज पकड़ सकेंगे। पर्यटन, व्यापार, स्वास्थ्य सेवा और आपातकालीन मदद तक पहुंच आसान हो जाएगी।