Census 2027 : उत्तर प्रदेश में अब जनगणना की शुरुआत होने जा रही है। पहली बार डिजिटल जनगणना में सात मई से लोगों को स्वगणना की व्यवस्था की गई है, जिससे वह घर बैठे जनगणना फॉर्म भर सकते हैं।
इस प्रक्रिया में मिलने वाली H अक्षर से शुरू होने वाली 11 अंकों की एसई-आईडी सबसे अमह होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक है। यह कोई ओटीपी नहीं है, बल्कि आपकी जानकारी के सत्यापन के लिए जरूरी होगा। जिसे 22 मई से घर-घर पहुंचने वाले गणनाकर्मियों को ही शेयर करना होगा।
21 मई स्वगणना कर सकेंगे
स्वगणना 21 मई तक वैकल्पिक रूप करने का ऑप्शन दिया जाएगा। जो लोग इस अवधि में आनलाइन विवरण नहीं भर पाएंगे, वे 22 मई से घर आने वाले गणनाकर्मियों को अपनी जानकारी साझा कर सकते हैं। जनगणना में हिस्सा लेना सभी के लिए जरूरी है।स्वगणना के लिए सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in) पर जाकर मोबाइल नंबर और नाम के जरिये रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद भाषा का चयन कर ओटीपी के जरिए सत्यापन करना होगा। फिर पता दर्ज कर मानचित्र पर अपने घर को चिन्हित करना होगा।
33 सवालों के देने होंगे जवाब
अंत में 33 सवालों की प्रश्नावली भरकर सबमिट करने पर एसई आइडी नंबर मिलेगा। 22 मई के बाद जब गणनाकर्मी घर पहुंचेंगे, तो उनकी पहचान पत्र देखने के बाद ही यह नंबर उनसे शेयर करना होगा। यदि दी गई यह जानकारी रिकार्ड से मेल खाती है, तो डाटा स्वीकार कर लिया जाएगा, अन्यथा नई जानकारी फिर से भरनी होगी। जनगणना निदेशालय से जुड़े अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि सभी स्वगणना में हिस्सा लें। यह किसी की नागरिकता का प्रमाण नहीं है, बल्कि विकास योजनाओं की नींव तैयार करने का प्लान है। गणनाकर्मी का पहचान पत्र जरूर जांचें। यह पूरी प्रक्रिया सुरक्षित है और जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।