Tejpratap Meets PK: क्या बिहार में नया सियासी गठजोड़ तैयार होने जा रहा है। इस बात की चर्चा तब होने लगी जब प्रशांत किशोर और तेजप्रताप यादव की मुलाका हुई। दोनों नेताओं के बीच मंगलवार यानी 21 मार्च की देर रात मुलाकात हुई। बड़ी बात ये है कि इस मुलाकात की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी।
प्रशांत किशोर और तेजप्रताप की मुलाकात के सियासी गलियारों में कई मायने निकाले जा रहे हैं। इस बैठक को संभावित राजनीतिक गठजोड़ या रणनीतिक बातचीत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है भविष्य में दोनों नेता एक साथ आ सकते हैं।
दोनों की राहें अलग
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले तेजप्रताप यादव ने खुद की नई पार्टी बनाई थी और चुनाव में भी उतरे थे लेकिन, उन्हें हार मिली। वे अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल के जरिए खुद को एक स्वतंत्र चेहरे के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। वहीं, दूसरी ओर चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर अब जन सुराज के माध्यम से बिहार में सियासी जमीन की तलाश में हैं। उनका फोक्स जातीय समीकरणों से हटकर विकास, प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार मुक्त राजनीति पर है।
तीसरे विकल्प की तलाश तेज
दरअसल, बिहार की सत्ता लंबे समय से राष्ट्रीय जनता दल, जनता दल युनाइटेड ,और भारतीय जनता पार्टी के इर्द-गिर्द घूमती रही है लेकिन, पिछले कुछ वर्षों में वोटरों के बीच तीसरे विकल्प की मांग की चर्चा भी तेज हुई है। ऐसे में तेज प्रताप और प्रशांत किशोर जैसे नेताओं की मुलाकात को इसी आधार पर देखा जा रहा है। इसमें खास बात यह भी है कि दोनों ही अपने-अपने स्तर पर पारंपरिक राजनीति से अलग रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, दोनों नेता साथ आते हैं या नहीं ये देखने वाली बात होगी।