TMC Reach SC over SIR: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बुरी तरह पटखनी खा चुकी तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंची। टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान काटे गए मतों की तुलना में विधानसभा सीटों में जीत के अंतक काम। सुप्रीम कोर्ट ने इस पहलू पर टीएमसी को नए आवेदन दाखिल करने की मंजूरी दी है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने यह निर्देश पश्चिम बंगाल एसआईआर के लंबित मामले में तृणमूल कांग्रेस की ओर से कम वोट के अंतर से विधानसभा चुनाव में जीत की सूचना दिए जाने पर दिया। ममता बनर्जी की अगुवाई वाली पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एसआईआर के तहत रद्द की गई सीटों का पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम पर असर देखने को मिला है।
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य लोग एसआईआर में वोटों की कटौती के मुकाबले जीत का अंतर कम होने से जुड़ी नयी याचिकाएं दायर कर सकते हैं, हालांकि चुनाव आयोग ने कोर्ट में तृणमूल कांग्रेस नेताओं की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि इसका समाधान चुनाव याचिका है। दूसरी तरफ कल्याण बंद्योपाध्याय ने कहा कि एक उम्मीदवार उस क्षेत्र में 862 वोटों से हार गया, जहां एडज्यूडिकेशन के लिए 5432 से ज्यादा लोगों के हटा दिए गए थे।
TMC ने किया बड़ा दावा
उन्होंने दावा किया कि टीएमसी और भाजपा के बीच वोटों का अंतर करीब 32 लाख था, और अपीलेट ट्रिब्यूनल के सामने लगभग 35 लाख अपील की सुनवाई होनी थी। उन्होंने जस्टिस बागची की पहले की टिप्पणी का जिक्र किया कि अगर जीत का अंतर हटाए गए वोटर्स की संख्या से कम था, तो मामले की जा सकती है। बेंच ने बंद्योपाध्याय से कहा कि जरूरी डिटेल्स के साथ एक इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन पेश की जाए।