US-Iran Peace Talk: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर का ऐलान हो गया है। साथ ही पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता होने वाली है। जिसपर संश्य के बादल मंडराने लगे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान की तरफ से शांति वार्ता को लेकर किया गया सोशल मीडिया पोस्ट डीलिट कर दिया गया है।
ईरान की परमाणु एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने गुरुवार को साफ तौर पर कहा कि परमाणु कार्यक्रम के तहत यूरेनियम संवर्धन का अधिकार बचाए रखना अमेरिका के साथ किसी भी समझौते के लिए अनिवार्य शर्त है।
ईरान का सोशल मीडिया पोस्ट गायब
28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध को रोकने के लिए 8 अप्रैल को सीजफायर का ऐलान किया था। इस सीजफायर पर खतरा मंडराने लगा है। पाकिस्तान में नियुक्त ईरानी राजदूत रजा अमीरी मुगाद्दम ने इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर वार्ता के लिए प्रतिनिधिमंडल के आगमन वाला सोशल मीडिया पोस्ट हटा दिया है। पोस्ट हटाए जाने के बाद वार्ता के आयोजन पर संशय और सस्पेंश गहरा गया है। जिससे पाकिस्तान की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सीजफायर टलने की आशंका
युद्धविराम की घोषणा के कुछ ही घंटो बाद इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरुत को निशाना बनाया। बुधवार का दिन इस युद्ध का सबसे खूनी दिन साबित हुआ। इजरायली हमले में 250 से ज्यादा लोग मारे गए। ईरान का दावा है कि सीजफायर में लेबनान शामिल था लेकिन, इजरायल और अमेरिका इससे झूठा बता रहा है। गुरुवार को इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए। हमले में हिजबुल्लाह के नए चीफ के सचिव को मार गिराया गया। इसके अलावा इजरायल ने लगभग 10 मिनट में 100 जगहों पर हमला किया। बताया जा रहा है कि इजरायल का बेरुत पर हमला 30 सालों के इतिहास में सबसे भीषण था।