Haryana News: चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने उचित मूल्य की दुकानों यानी राशन डिपो के लाइसेंस में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत ‘हरियाणा लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (लाइसेंसिंग एवं नियंत्रण) संशोधन आदेश, 2026’ को मंजूरी दी गई है, जो 2022 के पुराने नियमों में बदलाव करेगा। सरकार का कहना है कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस और मजबूत और पारदर्शी बनेगी।
क्या है नए नियम?
नए नियमों के अनुसार अब राशन डिपो का लाइसेंस लेने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। आवेदक का 12वीं पास होना और कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान होना जरूरी होगा। साथ ही उम्र 21 से 45 साल के बीच होनी चाहिए। आवेदक के पास ‘परिवार पहचान पत्र’ होना और उसी क्षेत्र का निवासी होना भी अनिवार्य होगा। सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कुछ लोगों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा है। इसमें सरकारी कर्मचारी, पहले से लाइसेंस धारक और उनके परिवार के सदस्य, साथ ही स्थानीय निकायों के चुने हुए प्रतिनिधि शामिल हैं।
इन्हें दी जाएगी प्राथमिकता
नए नियमों में यह भी कहा गया है कि अगर कोई लाइसेंस धारक बाद में सरकारी नौकरी में आता है या चुनाव जीतता है, तो उसे अपना लाइसेंस छोड़ना होगा, नहीं तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। महिलाओं को 33% आरक्षण ‘रोस्टर सिस्टम’ के आधार पर दिया जाएगा, यानी हर तीसरा लाइसेंस महिला को मिलेगा। इस आरक्षण में एसिड अटैक पीड़ित, स्वयं सहायता समूह, विधवा, तलाकशुदा और एकल माताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
पूरी आवेदन प्रक्रिया अब ऑनलाइन SARAL पोर्टल के जरिए होगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आवेदन कर सकें और पारदर्शिता बनी रहे। इसके अलावा, अगर किसी को लाइसेंस से जुड़े फैसले पर आपत्ति होती है, तो वह 30 दिन के अंदर मंडलायुक्त के पास अपील कर सकता है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और सिस्टम ज्यादा मजबूत बनेगा।