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इजरायल पर ईरान का 'Operation True Promise', दागी 150 मिसाइलें; निशाने पर तेल अवीव

Parth Jha | 14 Jun, 2025
Israel-Iran Air Strike:  ईरान ने शुक्रवार देर रात 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के तहत इजरायल पर 150 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन हमले किए हैं। लेबनान और जॉर्डन की ओर से भी इजरायल पर हमले किए जा रहे है। जिससे क्षेत्रीय तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। बता दें, यह कार्रवाई हाल ही में इजरायल द्वारा ईरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के जवाब में की गई है।

ईरान का जवाबी हमला

यह हमला ईरान की ओर से इजरायल के तेल अवीव, यरुशलम और अन्य प्रमुख शहरों को निशाना बनाकर किया गया। ईरानी सेना ने दावा किया कि इस हमले में इजरायल के कई सैन्य ठिकानों और एयरबेस को नुकसान पहुंचा है। ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो शेयर किए हैं, जिसमें मिसाइलें हवा में उड़ती दिख रही हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह हमला इजरायल द्वारा ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या के जवाब में किया गया। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कहा कि उनकी सेना इजरायल को भारी चोट पहुंचाएगी।

वहीं, इजरायल की ओर से इस हमले में नुकसान की आधिकारिक पुष्टि सीमित रही है। इजरायली सेना (IDF) ने बताया कि उनकी आयरन डोम मिसाइल रक्षा प्रणाली ने कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, तेल अवीव में कम से कम दो मिसाइलें जमीन पर गिरीं, जिससे 50 से अधिक लोग घायल हुए और एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। दूसरी तरफ, यरुशलम में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं और सायरन की गूंज ने नागरिकों को बंकरों में शरण लेने के लिए मजबूर कर दिया।

लेबनान और जॉर्डन का दखल

इस बीच, लेबनान में हिजबुल्लाह ने भी इजरायल पर हमले तेज कर दिए हैं। हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर 20 से अधिक रॉकेट दागे। जिनमें से कुछ को इजरायली रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया। वहीं, जॉर्डन की स्थिति भी जटिल हो गई है। ईरानी मिसाइलों का कुछ मलबा जॉर्डन में गिरा, जिसके बाद जॉर्डन ने अपनी हवाई सीमा में सतर्कता बढ़ा दी। 

इजरायल ने ईरान पर किया था हमला

मालूम हो कि 13 जून की सुबह इजरायल ने ईरान पर एक बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया, जिसमें ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में बमबारी, ड्रोन और मिसाइल हमले शामिल थे। जिस वजह से ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस हमले में ईरान के दो सिपहसालार भी मारे गए हैं। वहीं, इजरायली रक्षा बल (IDF) ने एक बयान जारी कर कहा कि यह हमला 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के तहत शुरू किया गया है। जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना है।