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WFP Report: 4.5 करोड़ लोगों पर मंडराएगा भुखमरी का खतरा, WFP ने ईरान-इजरायल युद्ध को लेकर किया आगाह

Parth Jha | 18 Mar, 2026

WFP Report on Iran-Israel Conflict: संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) ने चेतावनी जारी की है कि अगर मध्य पूर्व में चल रहा ईरान युद्ध (जिसमें अमेरिका और इजरायल शामिल हैं) जून तक जारी रहा, तो वैश्विक भुखमरी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। WFP के उप-कार्यकारी निदेशक कार्ल स्काऊ ने जिनेवा में पत्रकारों से कहा कि युद्ध के कारण तेल, खाद्य और शिपिंग लागत में उछाल से अतिरिक्त 4.5करोड़ लोग गंभीर भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं। इससे वैश्विक स्तर पर भुखमरी प्रभावित लोगों की संख्या मौजूदा रिकॉर्ड 31.9करोड़ से भी ऊपर चली जाएगी, जो एक भयानक स्थिति होगी।

WFP की रिपोर्ट में क्या?

WFP की नई विश्लेषण रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध अब तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए, जिसके जवाब में तेहरान और उसके सहयोगी समूहों ने जवाबी कार्रवाई की। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में समुद्री यातायात प्रभावित हुआ है, जिससे ईंधन, उर्वरक और खाद्यान्न की कीमतें आसमान छू रही हैं। स्काऊ ने कहा अगर तेल की कीमतें 100डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहीं और युद्ध जून तक चला, तो कीमतों में वृद्धि से 4.5करोड़ अतिरिक्त लोग IPC फेज 3या उससे बदतर स्थिति में पहुंच सकते हैं।'

बता दें, यह संकट केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। अफ्रीका के उप-सहारा क्षेत्र और एशिया के कई देश, जो आयातित खाद्य और ईंधन पर निर्भर हैं, सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। WFP ने बताया कि राहत कार्य पहले ही COVID-19और यूक्रेन युद्ध जैसी गंभीर बाधाओं का सामना कर रहे हैं। शिपिंग में देरी, लागत वृद्धि और सप्लाई चेन में रुकावट से मानवीय सहायता पहुंचाने में भारी मुश्किलें आ रही हैं। स्काऊ ने इसे COVID के बाद सबसे बड़ी व्यवधान करार दिया।

WFP ने जारी की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने भी युद्ध रोकने की मांग दोहराई है। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व संघर्ष को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए और सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों का पालन होना चाहिए। WFP ने लेबनान, सीरिया, ईरान और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सहायता बढ़ाने की तैयारी की है, लेकिन फंडिंग की कमी और पहुंच की समस्या बनी हुई है।

WFP ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध लंबा खिंचा तो वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर स्थायी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात रुकावट और लाल सागर में खतरे से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ेगा, जिससे गरीब और विकासशील देशों में भुखमरी का संकट और गहरा जाएगा।