Home Loan EMI: अगर कोई व्यक्ति अपने होम लोन की EMI समय पर नहीं चुका पाता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है और बैंक उसके घर की नीलामी तक कर सकता है। लेकिन यह प्रक्रिया अचानक नहीं होती, बल्कि इसके लिए कानून के तहत पूरा नियम और समय तय होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बैंक को यह कार्रवाई SARFAESI Act, 2002 और RBI के नियमों के तहत करनी होती है। सबसे पहले यह देखा जाता है कि लोन 90 दिन तक नहीं चुकाया गया है या नहीं। अगर 90 दिन से ज्यादा EMI बकाया रहती है, तो खाते को Non-Performing Asset (NPA) घोषित किया जाता है।
60 दिन का मिलता है समय
इसके बाद बैंक 60 दिन का नोटिस देता है, जिसमें पूरे बकाया पैसे को चुकाने के लिए कहा जाता है। अगर ग्राहक इस नोटिस का जवाब देता है, तो बैंक 15 दिनों के अंदर उसका जवाब देता है। अगर भुगतान नहीं होता, तो बैंक आगे की कार्रवाई शुरू करता है। कानूनी प्रक्रिया के तहत बैंक 30 दिन का सेल नोटिस जारी करता है। कई मामलों में यह समय 15 दिन और बढ़ सकता है। इसके बाद बैंक घर पर कब्जा लेकर उसे नीलामी के जरिए बेच सकता है।
कैसे रोकी जा सकती है नीलामी
विशेषज्ञ बताते हैं कि पूरी प्रक्रिया में कम से कम 105 दिन का समय लगता है। इस दौरान अगर ग्राहक पूरा बकाया और ब्याज चुका देता है, तो नीलामी रोकी जा सकती है।
नीलामी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी
इस मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट मीनल गोयल ने एक उदाहरण भी साझा किया, जिसमें एक व्यक्ति ने सिर्फ तीन EMI मिस करने के बाद अपनी 1.2 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी खो दी। बाद में बैंक ने लगभग 80 लाख रुपये की वसूली की और लंबी प्रक्रिया के बाद मामला निपटा। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक को NPA घोषित करने के बाद CIBIL रिपोर्टिंग, नोटिस जारी करना और संपत्ति की नीलामी जैसी प्रक्रियाओं का पालन करना जरूरी होता है।
बैंक को कोर्ट के आदेश की जरूरत
कानून के अनुसार, बैंक को घर की नीलामी के लिए कोर्ट के आदेश की जरूरत नहीं होती, लेकिन उसे पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार करनी होती है। इसलिए होम लोन लेने वालों के लिए यह जरूरी है कि EMI समय पर चुकाएं, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़े वित्तीय नुकसान का कारण बन सकती है।