US Iran Tension: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था, लेकिन अब हालात फिर से बिगड़ते दिख रहे हैं। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। हेगसेथ ने साफ कहा कि अगर ईरान ने जल्द सही फैसला नहीं लिया, तो अमेरिका दोबारा युद्ध शुरू कर सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। खासकर तेल सप्लाई को लेकर दुनिया के कई देश सतर्क हो गए हैं।
क्या है तनाव बढ़ने का कारण?
तनाव का सबसे बड़ा कारण होर्मुज की खाड़ी है, जिसे होर्मुज जलडमरूमध्य कहा जाता है। ये दुनिया का एक अहम समुद्री रास्ता है, जहां से करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका की सेना पूरी तरह तैयार है और हर स्थिति से निपटने के लिए सक्षम है। उन्होंने ईरान के उस दावे को भी खारिज किया, जिसमें वह खाड़ी पर अपना नियंत्रण बताता है। उन्होंने कहा कि यह नियंत्रण नहीं बल्कि समुद्री डकैती जैसा व्यवहार है।
रक्षा मंत्री ने किया दावा
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ये भी बताया कि खुफिया एजेंसियां ईरान की हर गतिविधि पर नजर रख रही हैं। उनका दावा है कि ईरान अपने नष्ट हुए हथियारों और लॉन्चर को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका ने ईरान को स्पष्ट संदेश दिया है कि उसकी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इस बीच, सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है और पाकिस्तान में हुई बातचीत भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो चुकी है। ऐसे में हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
ईरान ने की सैन्य तैयारी तेज
दूसरी ओर ईरान ने भी अपनी सैन्य तैयारी तेज कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसने अटैक ड्रोन के उत्पादन में कई गुना बढ़ोतरी की है ताकि भविष्य में किसी भी हमले का जवाब दिया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच जल्द समझौता नहीं हुआ, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखेगा।