Umesh Pal murder case: उमेश पाल हत्याकांड में यूपी पुलिस का पहला एक्शन सामने आया है। यूपी पुलिस की मुठभेड़ में हत्याकांड में शामिल आरोपी अरबाज की गोली लगने से मौत हो गई। बता दें कि उमेश पाल हत्या के बाद पुलिस तबाडतोड़ आरोपियों की तलाश कर रही थी वहीं आरोपी अरबाज की पुलिस को खबर मिली। वहीं प्रयागराज के नेहरू पार्क में यूपी पुलिस से आरोपी की मुठभेड़ हुई, जिसे पुलिस ने मार गिराया।
पुलिस मुठभेड़ में पहला आरोपी ढेर
बताया जा रहा है कि मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया था जिससे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि इस दौरान बाकी बदमाश भागने में सफल रहे, आरोपी अरबाज अतीक अहमद का करीबी बताया जा रहा है। वहीं एनकाउंटर को लेकर बताया कि यहां पर तीन बदमाश थे लेकिन दो बदामश भाग गए हैं। पहले अरबाज ने पुलिस पर फायरिंग की फिर जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरबाज को गोली लगी। वहीं बाकी बदमाश मौके से भाग गए, पुलिस भागे गए बदमाशों की तलाश में जुट गई।
पुलिस ने बताया कि एनकाउंटर में मारे गए इस आरोपी की सीसीटीवी फुटेज से पहचान हुई थी। उमेश पाल हत्याकांड के समय अरबाज ही क्रेटा गाड़ी चला रहा था और इसने ही बाकी बदमाशों को इस हत्याकांड के लिए हथियार उपलब्ध कराए थे।
क्या है पूरा मामला
दरअससल, 25जनवरी 2005को तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की हत्या की गई थी। उस समय में वह दो गाड़ियों के काफिले के साथ अपने घर जा रहे थे। रास्ते में उनकी गाड़ियों को घेरकर शूटरों ने फायरिंग की। राजू पाल समेत उनके दो करीबियों की इस वारदात के बाद मौत हो गई थी। उमेश पाल इस हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे। मामले की पैरवी स्थानीय कोर्ट-कचहरी से लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक उमेश पाल ही कर रहे थे।
उमेश की पैरवी ही थी कि हाई कोर्ट ने दो महीने में राजू पाल हत्याकांड का ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया था लेकिन इससे पहले ही उमेश पाल की हत्या कर दी गई। उमेश की हत्या उनके घर के ठीक सामने की गई है, जिसमें 6शूटर शामिल थे। शूटरों को वारदात को अंजाम देने में सिर्फ 47सेकेंड लगे थे।