Kanpur Fraud Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गरीब महिला के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया। इस फर्जीवाड़ा का खुलासा आयकर विभाग के नोटिस आने के बाद हुआ। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, पनकी थाना क्षेत्र के रतनपुर निवासी अर्चना मिश्रा, जो ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं, इस फर्जीवाड़े की शिकार बनी हैं। बताया जा रहा है कि वर्ष 2020 में कुछ लोगों ने उन्हें लोन दिलाने और बैंक खाता खुलवाने का झांसा देकर उनका आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज ले लिए थे। इसके बाद आरोपियों ने उनके नाम पर करोड़ों रुपये के अवैध वित्तीय लेनदेन को अंजाम दे दिया। मामला तब सामने आया जब पीड़िता के घर आयकर विभाग की ओर से लगातार नोटिस आने लगे। इनमें करीब 15 करोड़ रुपये के लेनदेन का उल्लेख होने से परिवार के होश उड़ गए।
पुलिस कार्रवाई और जांच
मामले के सामने आने के बाद रतनपुर चौकी इंचार्ज आशुतोष दीक्षित को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है कि आखिर इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन लोग शामिल हैं। इस मामले पर स्टॉप ऑफिसर अमरनाथ यादव ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और आयकर विभाग दोनों ही इस बड़े फर्जीवाड़े की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।