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मिडिल ईस्ट की जंग ने तेल की कीमतों में लगाई आग, PAK के हालात बदतर; बांग्लादेश में स्कूल-कॉलेज बंद

Parth Jha | 09 Mar, 2026

War Causes Fuel Price Rise: इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग ने मिडिल ईस्ट में खलबली मचा दी है। वार-पलटवार दोनों तरफ से जारी है। ईरान के तेल भंडार को निशाना बनाया जा रहा है। दूसरी तरफ ईरान भी इजरायल को आड़े हाथों ले रहा है।

इस युद्ध की मार आम जनता को भी भुगतना पड़ रहा है। वजह ये है कि युद्ध के कारण तेल के दाम सातवें आसामान छूने लगा है। पड़ोसी देश पाकिस्तान और बांग्लादेश के हालात ज्यादा बदतर हो गए हैं। आलम ये है कि पाकिस्तान-बांग्लादेश की सरकार अपने घर में घिर चुकी है।

तेल की कीमतों में लगी आग

जंग के तेज होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है और 2022 के बाद पहली बार कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल पार कर गया है। क्रूड ऑयल की कीमतों में सोमवार को भारी उछाल देखने को मिला। ब्रेंट क्रू़ड ऑयल करीब 25 फीसदी बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया। WTI क्रूड ऑयल में 24 फीसदी की तेजी आई है और ये 112 प्रति बैरल को पार कर गया। मुरबान क्रूड ऑयल लगभग 18 फीसदी की तेजी के साथ 120 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया है। इसके अलावा नेचुरल गैस की कीमतों में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है।

पाकिस्तान में मचा कोहराम

कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी का असर बैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है। पड़ोसी देश पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा किया गया है। पाकिस्तान में पेट्रोल 336 रुपए प्रति लीटर है, वहीं, डीजल का भाव 321 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है। चिंता की बात ये है कि आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं।

बांग्लादेश में स्कूल कॉलेज बंद

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण बांग्लादेश में ऊर्जा संकट गहरा गया है। हालात ये है कि सरकार ने बिजली और ईंधन की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए सभी सरकारी और प्राइवेट विश्वविद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया है। ये कदम बिजली की खपत को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। इसके अलावा सरकार ने फर्टिलाइजर फैक्ट्रियों को बंद करने का निर्देश दिया है।