Online Shopping Tips: आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज लगातार बढ़ता ही जा रहा है। और जब किसी प्रोडक्ट पर भारी डिस्काउंट मिल जाए, तब तो सोने पर सुहागा वाली कहावत एकदम फिट बैठती है। लेकिन कई बार ये भारी डिस्काउंट की स्कीम ही आपको ले डूबती है। दरअसल, फेस्टिवल सेल, ब्लैक फ्राइडे और रिपब्लिक डे जैसे मौकों पर अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसे कई शॉपिंग प्लेटफॉर्म भारी डिस्काउंट का ऐलान होते ही ग्राहकों की भीड़ बाजार छोड़ इन प्लेटफॉर्मस पर आ जाती है। लेकिन कई ग्राहक डिस्काउंट के चक्कर में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं कि सस्ता सामान खरीदने की बजाय उनका ऑनलाइन शॉपिंग बिल और महंगा हो जाता है।
जागो ग्राहक जागो की मुहिम
इस मामले में उपभोक्ता विभाग ने लोगों को सावधान किया है। उन्होंने इस तरह की सेल्स के दौरान कई फेक वेबसाइट्स बनाई जाती है। इसके अलावा ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर छिपे हुए शुल्क बाद में बिलिंग के समय जुड़ जाते हैं, जिससे उम्मीद से ज्यादा बिल बन जाता है। इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 'जागो ग्राहक जागो' के नाम से मुहिम शुरु की है और लोगों को जागरूक करने की कोशिश की है।
उन्होंने बताया कि भारी डिस्काउंट के चलते कई बार फेक वेबसाइट्स ज्यादा एक्टिव हो जाते है, जो देखने में बिल्कुल अमेजन या फ्लिपकार्ट जैसी दिखती है। विभाग ने बताया कि डिस्काउंट का फायदा उठाते समय पहले उसकी सभी टर्म्स एंड कंडीशंस को ध्यान से पढ़े।
जागरूक उपभोक्ता वही है जो discount के साथ-साथ terms & conditions भी ध्यान से पढ़े।
— Consumer Affairs (@jagograhakjago) May 11, 2026
अगर आपके cart में भी अतिरिक्त शुल्क जुड़ जाए या e-commerce platform आपकी सहायता न करे, तो राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर कॉल करें या WhatsApp 8800001915 पर संदेश भेजें।#NCH1915… pic.twitter.com/p3G3ytz2bZ
कैसे करें स्मार्ट शॉपिंग?
1. URL चेक करें: हमेशा आधिकारिक ऐप या .in/.com डोमेन से खरीदें। https और लॉक आइकन जरूर देखें।
2. फाइनल बिल देखें: कार्ट में डालने के बाद चेकआउट स्क्रीन पर हर चार्ज वेरिफाई करें।
3. रिव्यूज क्रॉस-चेक: 'साइट नाम + फ्रॉड' सर्च करें। केवल वेरिफाइड रिव्यूज पर भरोसा करें।
4. सुरक्षित पेमेंट: UPI 'फ्रेंड्स एंड फैमिली' मोड या पर्सनल अकाउंट से बचें। क्रेडिट कार्ड या प्लेटफॉर्म गेटवे यूज करें।
5. रिटर्न पॉलिसी पढ़ें: महंगे सामान पर हमेशा चेक करें।
6. स्कैम रिपोर्ट करें: अगर फंस गए तो तुरंत 1930 (नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर कॉल करें या sancharsaathi.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।