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तमिलनाडु चुनाव से पहले सियासी हलचल, विजय की TVK और BJP गठबंधन की चर्चा तेज

Parth Jha | 15 Mar, 2026

Assembly Election: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के करीब आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्टी कड़गम (TVK) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है। हालांकि अभी तक इस बारे में किसी भी पार्टी की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

विजय को मिला बड़ा ऑफर

जानकारी के मुताबिक, बीजेपी ने विजय को अपने गठबंधन में शामिल करने के लिए बड़ा ऑफर दिया है। कहा जा रहा है कि बीजेपी ने विजय की पार्टी को विधानसभा चुनाव में करीब 80 सीटें देने की पेशकश की है। इसके साथ ही विजय को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इस खबर के सामने आने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है।

हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि विजय मुख्यमंत्री पद चाहते हैं। इसी कारण दोनों पक्षों के बीच बातचीत में कुछ अड़चनें आ रही हैं। अगर विजय मुख्यमंत्री पद पर सहमति चाहते हैं और बीजेपी उन्हें उपमुख्यमंत्री का पद देने की बात कर रही है, तो यह मुद्दा बातचीत में सबसे बड़ा पेंच बन सकता है।

विजय की लोकप्रियता बीजेपी के लिए फायदेमंद

बताया जा रहा है कि बीजेपी विजय को एनडीए के साथ जोड़ने के लिए कई स्तरों पर प्रयास कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए एक अन्य राज्य के उपमुख्यमंत्री के जरिए भी मध्यस्थता कराई जा रही है। बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता चुनावी नतीजों पर असर डाल सकती है।

दरअसल विजय तमिल सिनेमा के बड़े सितारे हैं और उनकी राज्य में जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। बीजेपी को उम्मीद है कि अगर विजय का साथ मिलता है तो चुनाव में पार्टी को फायदा हो सकता है। तमिलनाडु में कई बार बहुत कम वोटों के अंतर से जीत और हार का फैसला हुआ है, ऐसे में कुछ प्रतिशत वोट भी चुनावी परिणाम बदल सकते हैं।

सलाहकारों की बढ़ी चिंता

वहीं दूसरी ओर बीजेपी के साथ संभावित गठबंधन की खबरों ने विजय के करीबी सलाहकारों की चिंता बढ़ा दी है। उनका मानना है कि इतनी जल्दी किसी राष्ट्रीय गठबंधन का हिस्सा बनने से पार्टी की स्वतंत्र छवि को नुकसान पहुंच सकता है। सलाहकारों को डर है कि अगर पार्टी एनडीए में शामिल होती है तो वह राजनीतिक संदेश कमजोर हो सकता है, जिसके दम पर विजय ने राजनीति में कदम रखा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि विजय की पार्टी किस रास्ते पर आगे बढ़ती है।