Success Story : आज हम आपको ऐसी ही कहानी बताने जा रहे है जिन्होंने कड़ी मेहनत से से पहली बार मे ही UPSC में अपने नाम का परचम लहरा दिया था। आज हम बात कर रहे है उत्तर प्रदेश की रहने वाली अदिति छपारिया की। जिन्होंने साल 2023 में उन्होंने पहली बार UPSC परीक्षा दी थी और पास हो गईं, लेकिन उन्हें जो पद उन्हे मिला इससे वे राजी नहीं हुई औ उन्होंने दोबारा UPSC एग्जाम दिया। आइए जानते हैं अदिति छपारिया की कहानी...
अदिति ने साल 2024 में दूसरी बार UPSC परीक्षा दी थी और इस बार ऑल इंडिया 97वीं रैंक हासिल की थी। आमतौर पर इतनी अच्छी रैंक मिलने के बाद कैंडिडेट्स को IAS या IPS का पद मिल ही जाता है, लेकिन अदिति को इन पदों की बजाय भारतीय विदेश सेवा यानी IFS अफसर को चुना।
अदिति का जन्म उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के एक जाने-माने कारोबारी परिवार में हुआ था। अदिति बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थीं। कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा (ISC) में उन्होंने 99।5 प्रतिशत के शानदार मार्क्स के साथ पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया था।
DU से ग्रेजुएशन
अदिति ने गोरखपुर के लिटिल फ्लावर स्कूल में कक्षा 8वीं के बाद राजस्थान के अजमेर स्थित मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल से स्कूली शिक्षा पूरी की। फिर अदिति ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एडमिशन लिया और यहां से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी करने का फैसला कर लिया था।
IFS अधिकारी
साल 2023 में अदिति ने पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास हुईं और उन्हें इंडियन रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स सर्विस (IRPFS) के लिए चुना गया। फिर उन्होंने अगले साल दोबारा परीक्षा दी और अपना सपना पूरा कर लिया। उन्होंने शानदार 97वीं रैंक हासिल की और IFS (भारतीय विदेश सेवा) के लिए उनका चयन हो गया।