NEET Paper Leak: पेपर लीक होन के बाद नीट परीक्षा 2026 रद्द कर दी गई है। सीबीआई की जांच भी तेज हो गई है। एक के बाद खुलासे और गिरफ्तारियां हो रही है। पेपर लीक के तार राजस्थान से हरियाणा और उत्तराखंड तक जुड़े हुए हैं।
नीट पेपर लीक मामले में पता चला है कि गुरुग्राम के एक डॉक्टर से जमवारामगढ़ के रहने वाले दो भाई मांगीलाल बिवाल और दिनेश बिवाल ने लगभग 30 लाख रुपए में NEET पेपर खरीदा था। इसके बाद दिनेश बिवाल ने पेपर अपने बेट को दिया जो सीकर में मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
जांच एजेंसियों के अनुसार इसके बाद 29 अप्रैल को वो पेपर कई छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाया गया। दिनेश बिवाल के परिवार के चार बच्चों का पिछले साल नीट में सेलेक्शन हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि एक महीने पहले ही जानकारी दी गई थी कि परीक्षा पेपर लीक होने के बाद उपलब्ध कराया जाएगा।
यश नामक छात्र की हुई गिरफ्तारी
दरअसल, यश जीरा देवी मेडिकल क़ॉलेज का फर्स्ट इयर ता छात्र है। वह सीकर में रहता थी। यहीं से उसने पढ़ाई की है। ऐसा कहा जा रहा है कि वह कुछ लोगों के संपर्क में था। एसओजी की टीम ने गुप्च जानकारी के आधार पर मंगलवार यानी 12 मई की गिरफ्तार उसे गिरफ्तार किया गया। सूत्रों के अनुसार यश पेपर लीक करने वाले गिरोह और परीक्षार्थियों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है। पुलिस को आशंका है कि यश के पास परीक्षा से पहले ही प्रश्न पत्र और उसके आंसर आ गए थे। जिसने उसे आगे पहुंचाया।
बैंक खाते खंगाल रही पुलिस
दर्ज मुकदमे के तहत अब यश से पूछताछ की जाएगी। ताकी गैंग में शामिल अन्य डॉक्टरों, छात्रों और कोचिंग सेंटरों के मालिकों के बारे में खुलासा हो। जांच टीम यश के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और हालिया मुलाकातों की डिटेल तलाश रही है ताकी पैसों की लेनदेन के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें। उधर नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। सीबीआई की टीम एनटीए के दिल्ली दफ्तर पहुंची है। टीम पेपर कोड जारी करने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा पेपर बनाने वाले सभी कर्मचारियों की सूची मांगी गई है।