CM Dhami on Women Reservation: उत्तराखंड विधानसभा में आज मंगलवार को ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर विशेष सत्र में जोरदार बहस हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि महिला आरक्षण का विरोध ‘नारी शक्ति का अपमान’ है। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा
'नारी शक्ति देश की उन्नति का आधार है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की शक्ति, साहस और समर्पण के बिना राष्ट्र की प्रगति संभव नहीं है। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना है। लेकिन विपक्ष ने संसद में इसका जोरदार विरोध किया, जो महिलाओं के साथ अन्याय समान है।
विपक्ष पर निशाना साधा
CM धामी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो दल 60 साल तक सत्ता में रहे, उन्होंने कभी महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण नहीं दिया। अब जब मोदी सरकार ने यह अधिकार दिलाने का प्रयास किया तो विपक्ष बाधा बन गया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की यह मानसिकता महिला विरोधी है और नारी सम्मान के खिलाफ है। धामी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि जब महिलाओं के अधिकारों की बात हो रही थी, तब कुछ दलों ने धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग उठाई, जो संविधान के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।
उत्तराखंड में महिलाओं के सशक्तिकरण के गए कदमों
CM धामी ने सदन में उत्तराखंड सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र किया। राज्य में सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत महिला आरक्षण, समान नागरिक संहिता लागू करना और महिला सुरक्षा से संबंधित अन्य योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पूरी ताकत से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।विशेष सत्र में विपक्षी सदस्यों ने भी अपनी बात रखी, जिससे बहस काफी तीखी रही। सदन में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।