Punjab-Haryana HC on HSSC 2026: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती (CET-2) में आरक्षित वर्ग को बड़ी राहत दी है। दरअसल, HC के फैसले के अनुसार, इस भर्ती में आरक्षित वर्ग के उन अभ्यर्थियों को राहत दी गई है, जिन्होंने सामान्य वर्ग के कट-ऑफ से ज्यादा अंक प्राप्त किए थे, बावजूद इसके उन्हें अगले चरण की प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम आदेश के तहत CET-2 परीक्षा में प्रोविजनल आधार पर शामिल होने की अनुमति दे दी है।
क्या है पूरा मामला?
बता दें, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा आयोजित भर्ती प्रक्रिया के तहत पहले CET-1 परीक्षा हुई। इस परीक्षा में सामान्य वर्ग के लिए 50% और आरक्षित वर्ग के लिए न्यूनतम 40% अंक तय किए गए थे। लेकिन कई आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को न्यूनतम अंक प्राप्त करने पर भी CET-2 और शारीरिक माप परीक्षण (PMT) के लिए नहीं बुलाया गया।
जिसके बाद इस भर्ती को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जिसमें तर्क दिया गया था कि उनके अंक सामान्य वर्ग के कट-ऑफ (लगभग 52.17) से ज्यादा थे, इसलिए उन्हें सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के रूप में माना जाना चाहिए। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले (राजस्थान हाईकोर्ट बनाम रजत यादव) का हवाला भी दिया। जिसमें चयन प्रक्रिया में पहले ओपन/जनरल कैटेगरी के आधार पर विचार करने की बात कही गई है।
कोर्ट का फैसला
इस मामले की सुनवाई जस्टिस जे.एस. पुरी की एकलपीठ ने की। उन्होंने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद राज्य सरकार और HSSC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके अलावा कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए कहा कि वे CET-2 में प्रोविजनल रूप से भाग ले सकते हैं। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह राहत अंतिम नहीं है और मामले की अगली सुनवाई 02 जुलाई 2026 को होगा।