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Red Fort Blast: ओवैसी ने बताया सुसाइड बॉम्बर उमर का असली मकसद, कहा - इस्लाम में खुदकुशी हराम...

Parth Jha | 19 Nov, 2025

Owaisi Statement On Umar Suicide Bomber Agenda: दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट के पास 10नवंबर 2025को हुए विस्फोट ने पूरे देश को हिला दिया। इस घटना में एक कार में विस्फोटक सामग्री से भरी गाड़ी का धमाका हुआ, जिसमें 13लोगों की मौत हो गई। इस धमाके में मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी भी मारा गया, जो कश्मीर के पुलवामा जिले के निवासी हैं। हाल ही में, डॉ. उमर का एक पुराना वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसने सुसाइड बॉम्बिंग को जायज ठहराया था। इसी बीच, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस वीडियो की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे आतंकवाद बताते हुए कहा कि खुदकुशी इस्लाम में हराम है और निर्दोषों की हत्या बड़ा गुनाह। ओवैसी ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि अगर कोई कश्मीरी युवा आतंक में नहीं शामिल हुआ, तो यह ग्रुप कहां से आया? 

उमर के वीडियो का खुलासा

उमर के फोन से मिले 80सेकंड के वीडियो में उन्होंने अंग्रेजी में बात की, जिसमें सुसाइड बॉम्बिंग को 'मार्टर्डम ऑपरेशन' बताया और कहा कि यह सबसे 'मिसअंडरस्टूड' विचार है। वीडियो अनडेटेड है और कैमरे से दूर देखते हुए रिकॉर्ड किया गया लगता है, जैसे विचार व्यक्त कर रहे हों। जांचकर्ताओं का मानना है कि यह वीडियो ब्रेनवॉश करने के उद्देश्य से बनाया गया था, और उमर बड़े पैमाने पर सुसाइड अटैक की योजना बना रहे थे।  वीडियो उनके भाई के फोन से भी बरामद हुआ, जो घटना के समय इस्तेमाल हो रहा था। इसने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया, क्योंकि यह एक संगठित मॉड्यूल की ओर इशारा करता है।

ओवैसी की सख्त प्रतिक्रिया

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने 19नवंबर को इस वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुसाइड बॉम्बिंग को जायज ठहराना गलत है। उन्होंने X पर पोस्ट किया 'दिल्ली ब्लास्ट आरोपी उमर नबी का एक अनडेटेड वीडियो है जिसमें सुसाइड बॉम्बिंग को 'मार्टर्डम' बताया गया है और कहा गया है कि यह 'मिसअंडरस्टूड' है। खुदकुशी इस्लाम में हराम है और निर्दोषों की हत्या बड़ा गुनाह है। ऐसे कृत्य कानून के खिलाफ हैं। यह 'मिसअंडरस्टूड' नहीं, बल्कि आतंकवाद है और कुछ नहीं।' 

ओवैसी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा, जिन्होंने संसद में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर और महादेव के बाद पिछले छह महीनों में कोई कश्मीरी युवा आतंक समूह में नहीं शामिल हुआ। ओवैसी ने पूछा 'तो यह ग्रुप कहां से आया? इस ग्रुप को डिटेक्ट करने में विफलता के लिए कौन जिम्मेदार है?' उन्होंने जोर दिया कि ऐसे कृत्य धार्मिक या नैतिक रूप से जायज नहीं हैं और सुरक्षा में चूक पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।