Nadoti SDM Arrest: राजस्थान के करौली जिले के खंड नादौती की एसडीएम काजल मीणा और रीडर व बाबू को 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए काबू किया है। एसीबी की टीम ने एसडीएम कार्यालय में ही छापेमारी करके रिश्वत के खेल का भंडाफोड़ किया है। एसीबी ने एसडीएम काजल मीणा, रीडर दिनेश सैनी और क्लर्क प्रवीण धाकड़ को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
एसीबी महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सवाई माधोपुर एसीबी चौकी में पीड़ित शख्स ने शिकायत दी थी जिसमें बताया कि भूमि की तकसीम जारी करने की एवज में एसडीएम काजल मीणा, अपने रीडर दिनेश सैनी के जरिये रिश्वत की मांग कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले एक लाख रुपये की मांग की गई जिसके बाद 50 हजार में सौदा तय हुआ। इसके बाद 50 हजार रुपये एसडीएम और 10 हजार रुपये रीडर ने अपने लिए मांगे थे।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने पूरी जानकारी जुटाई और छापेमारी के लिए पूरा प्लान तैयार किया। 16 अप्रैल 2026 को परिवादी को नादौती स्थित उपखंड कार्यालय बुलाया गया, जहां रिश्वत की राशि दी जानी थी। जैसे ही 60 हजार रुपये की रकम आरोपियों तक पहुंची, एसीबी की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए तीनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रीडर दिनेश सैनी ने राशि लेकर उसे वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड़ को सौंपा था।
कार्रवाई के दौरान प्रवीण धाकड़ के बैग से 60 हजार रुपये की रिश्वत राशि के साथ ही 4 लाख रुपये की अतिरिक्त संदिग्ध नकदी भी बरामद हुई, जिन्हें अवैध वसूली का हिस्सा माना जा रहा है। इस पूरे ऑपरेशन को एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर तथा डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह की निगरानी में अंजाम दिया गया। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है।
यह कार्रवाई एसीबी के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी द्वारा अंजाम दी गई। वहीं एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के निर्देशन में आगे की पूछताछ और जांच जारी है। एसीबी ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और विस्तृत अनुसंधान जारी है।