KhabarFast

Middle East War: ईरान के अमेरिकी एंबेसी बड़ा हमला, दूतावास परिसर में दिखा धुएं का गुबार; ट्रंप ने दी ये चेतावनी

Parth Jha | 14 Mar, 2026

Middle East War: मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के अहम तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर मौजूद सैन्य ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को इस द्वीप पर कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का सबसे बड़ा टर्मिनल माना जाता है और यहां से देश के अधिकांश कच्चे तेल की सप्लाई होती है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को रोकने की कोशिश जारी रखी, तो अमेरिका ईरान के तेल ढांचे को भी पूरी तरह नष्ट करने पर विचार कर सकता है।

ईरान करेगा कड़ी जवाबी कार्रवाई- संसद के स्पीकर

दूसरी ओर ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बग़ैर कालिबाफ ने कहा कि अगर ईरान के द्वीपों पर हमले जारी रहे तो देश कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा। इस बीच अमेरिकी सेना ने मिडिल-ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ाने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2500 अतिरिक्त मरीन सैनिक और एक उभयचर युद्धपोत USS Tripoli को क्षेत्र में भेजा जा रहा है। यह जहाज जापान से रवाना हुआ है और आने वाले दिनों में अरब सागर के आसपास तैनात अमेरिकी बेड़े में शामिल हो सकता है।

कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया

फिलहाल इस इलाके में अमेरिकी नौसेना के करीब 12 युद्धपोत, जिनमें विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln भी शामिल है, पहले से तैनात हैं। इधर युद्ध का असर पूरे क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है, जबकि अमेरिका और इजरायल ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। इसके साथ ही लेबनान में मानवीय संकट गहरा गया है, जहां इजरायली हमलों में अब तक करीब 800 लोगों की मौत हो चुकी है और 8.5 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हो गए हैं।

दूतावास परिसर में दिखा धुएं का गुबार

इसी बीच बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर के अंदर एक हेलिपैड पर मिसाइल गिरने की खबर भी सामने आई है। घटना के बाद दूतावास परिसर से धुएं का गुबार उठता देखा गया। मिडिल-ईस्ट में तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ गई है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।