Haryana News: हरियाणा के फरीदाबाद में सरकारी अस्पताल की पार्किंग में टॉर्च की रोशनी में महिला की डिलीवरी कराने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में एनएचएम कर्मचारी जीडीए सुखबीर को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। इससे पहले स्वास्थ्य विभाग स्टाफ नर्स राखी को भी सस्पेंड कर चुका है। जानकारी के अनुसार, सिविल सर्जन फरीदाबाद ने जीडीए सुखबीर की बर्खास्तगी के आदेश जारी किए हैं। सुखबीर सेक्टर-3 स्थित FRU-2 अस्पताल में तैनात था। यह कार्रवाई DHFW चेयरपर्सन और डिप्टी कमिश्नर की मंजूरी के बाद की गई।
घटना का वीडियो आया सामने
यह मामला उस समय सामने आया था, जब कुछ दिन पहले बल्लभगढ़ के सेक्टर-3 स्थित सरकारी अस्पताल की पार्किंग में एक गर्भवती महिला की डिलीवरी टॉर्च की रोशनी में करानी पड़ी थी। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। विपक्ष ने भी सरकार और स्वास्थ्य विभाग को घेरते हुए अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।
देर रात प्रसव पीड़ा होने पर पहुंचे अस्पताल
पीड़ित परिवार के अनुसार, बड़ौली गांव निवासी महिला बलेश को देर रात प्रसव पीड़ा होने पर परिवार उसे अस्पताल लेकर पहुंचा था। महिला के जेठ चमन चंदीला ने बताया कि रात करीब 2 बजे अस्पताल का मुख्य गेट बंद मिला। इमरजेंसी वार्ड में भी कोई स्टाफ मौजूद नहीं था। काफी देर तक मदद नहीं मिलने पर परिवार के लोग खुद ही व्हीलचेयर लेकर आए।
परिजनों ने लगाया आरोप
परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन अस्पताल स्टाफ समय पर नहीं पहुंचा। मजबूरी में महिला की मां को ही पार्किंग में डिलीवरी करानी पड़ी। बाद में कुछ नर्स मौके पर पहुंचीं। वीडियो में एक नर्स टॉर्च पकड़े दिखाई दे रही है, जबकि दूसरी नर्स उसी रोशनी में डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करती नजर आई।
स्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच के आदेश
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में मरीज को समय पर इलाज और जरूरी सुविधाएं न देना गंभीर लापरवाही माना गया। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। विभाग ने संकेत दिए हैं कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।