Greenfield Expressway: कोटपूतली से किशनगढ़ के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस परियोजना से प्रभावित गांवों के किसानों और खातेदारों की आपत्तियां व सुझाव सुनने के लिए प्रशासन ने जनसुनवाई का कार्यक्रम तय किया है। खंडेला उपखंड अधिकारी ज्योत्सना खेड़ा इन जनसुनवाई बैठकों में मौजूद रहकर लोगों की समस्याएं सुनेंगी। उपखंड कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 मई को कांवट, 13 मई को लोहरवाड़ा और 14 मई को गढ़ भोपजी में स्थित अटल सेवा केंद्रों पर जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इसमें प्रभावित खातेदारों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन लेगी सही फैसला
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी दावे, आपत्तियां और सुझाव नियमों के अनुसार सुने जाएंगे और उन पर उचित निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र के किसानों में हलचल भी देखी जा रही है। करीब 208 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे के निर्माण की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इस सड़क के बनने के बाद कोटपूतली से किशनगढ़ की दूरी लगभग दो घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि अभी इस यात्रा में करीब चार घंटे का समय लगता है।
सफर में बचेगा समय
इसके अलावा दिल्ली से अजमेर जाने वाले यात्रियों का भी लगभग दो घंटे का समय बचेगा। इस परियोजना पर 6 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। यह एक्सप्रेस-वे कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, जयपुर और अजमेर जिलों से होकर गुजरेगा। परियोजना के तहत 95 से अधिक अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, जबकि 9 स्थानों पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध रहेगा।
किसानों को दी जाएगी सुविधा
किसानों की सुविधा के लिए हर एक से दो किलोमीटर पर अंडरपास बनाए जाने की योजना है, ताकि स्थानीय लोगों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो। यह एक्सप्रेस-वे कोटपूतली के पनियाला क्षेत्र से शुरू होगा और इसे देश की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने पर न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि दिल्ली-जयपुर और अजमेर मार्गों पर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को मजबूती मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।