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Kal Ka Mousam : देश के 14 राज्यों में कल भारी बारिश के साथ गिरेंगे ओले, IMD ने जारी किया अलर्ट !

Parth Jha | 20 May, 2026

Khabarfast, Kal Ka Mousam 20 May 2026 , कल का मौसम, Kal ka Mousam Kaisa Rahega : देशभर में मौसम का मिजाज पूरी तरह से करवट ले चुका है जिसके चलते मौसम विभाग भी अलर्ट हो गया है। हाल ही में मौसम विभाग ने नया अलर्ट जारी करते हुए देश के 14 राज्यों में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है आइए जानते है मौसम विभाग के नये पूर्वानुमान के अनुसार कहाँ-कहाँ बारिश होने वाली है और किन जगहों पर भीषण लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर भारत में लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों को पूरी तरह से झुलसा दिया है। अधिकांश राज्यों में लू ने रफ्तार पकड़ ली है, जो अगले कई दिनों तक जारी रहेगी।

मौसम विभाग ने बताया कि 21 से 22 मई तक पहाड़ों पर फिर से वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रियता से हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लेह और उत्तराखंड के पर्वतीय भागों पर अंधड़ के साथ बारिश की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बर्फबारी और ओले गिरने की चेतावनी है। Kal Ka Mousam 20 May

IMD ने अगले 24 घंटे के बाद हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और बिहार के सीमावर्ती जिलों में तेज गर्मी के बीच बादलों के छाने और धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट घोषित किया है। हालांकि, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान बढ़ने और भीषण गर्मी की चेतावनी है। 

पूर्वोत्तर के राज्यों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के मजबूत होने से तेज तूफानी हवाएं चलने और बारिश की गतिविधियां तीव्र होने की बात कही है। उधर, दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र समेत कई स्टेट वर्षा से प्रभावित रहेंगे। Kal Ka Mousam 20 May

यूपी में कल का मौसम

उत्तर प्रदेश लगातार तपिश और लू का कहर झेल रहा है। राज्य के अधिकांश जिलों में भीषण गर्मी का प्रकोप है तो बुंदेलखंड आग की तरह जल रहा है। कानपुर, कानपुर देहात, प्रयागराज, हमीरपुर, झांसी, ललितपुर,महोबा, सोनभद्र, भदोही, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर, जौनपुर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कासगंज, कन्नौज, उन्नाव, रायबरेली, बागपत, गाजियाबाद और नोएडा में हीटवेव का येलो अलर्ट घोषित है। 

बारिश को लेकर कोई संभावना नहीं है, लेकिन 23 मई से पश्चिमी यूपी में मौसम बदल सकता है। Kal Ka Mousam 20 May

बिहार में बारिश

बिहार के अधिकांश जिले भीषण गर्मी की चपेट हैं और कई जिलों में लू की एंट्री हो गई है। मौसम विभाग ने लगातार बढ़ते तापमान और हवाओं के गर्म होने पर पांच जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, राज्य के नेपाल और पश्चिम बंगाल से सटे सीमावर्ती हिस्सों पर धूल भरी आंधी और बारिश के साथ ठनका गिरने की चेतावनी है। Kal Ka Mousam 20 May

IMD की मानें तो 21 मई को कोसी, पूर्वी बिहार और उत्तर बिहार में मौसम खराब रहने की बात कही गई है। खासकर, पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, बांका, नवादा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, सीतामढ़ी, वैशाली, शिवहर, नालंदा, जहानाबाद, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर, सहरसा, खगड़िया, जमुई, मधेपुरा और सुपौल में आंधी-पानी, बिजली और ओले गिरने का येलो अलर्ट है।

दिल्ली में कल का मौसम

दिल्ली-एनसीआर लगातार तपिश झेल रहा है और तापमान बढ़ता जा रहा है। इस सीजन में बुधवार की सुबह सबसे गर्म प्रतीत हुई। अगले कुछ घंटे में शहर के अधिकांश भागों पर भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है और लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 

मौसम विभाग ने 22 मई की रात से आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही के संकेत दिए हैं। इस दौरान धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी व बारिश का अलर्ट है, जिससे गर्मी से मामूली राहत मिल सकती है। Kal Ka Mousam 20 May

राजस्थान में अलर्ट

राजस्थान के अधिकांश जिलों में भीषण गर्मी से हाल-बेहाल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कई दिनों तक तेज गर्मी और लू का दौर अभी जारी रहेगा। जयपुर मौसम केंद्र के मुताबिक, राज्य के अधिकतर हिस्सों पर एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने की संभावना है। खासकर, पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में और दक्षिणी पूर्वी भागों में रात में भी लू चलने से परेशानियां बढ़ेंगी।

पश्चिमी, उत्तरी व पूर्वी भागों में अगले तीन से चार दिन 20 से 30 किलोमीटर की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं चल सकती हैं। 22 मई की रात से राज्य के गंगानगर, हनुमानगढ़ और उत्तर-पश्चिम भाग में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से मेघ गर्जन के साथ हल्की बारिश और धूल भरी आंधी का पूर्वानुमान जताया है। Kal Ka Mousam 20 May

उत्तराखंड में मौसम

उत्तराखंड के मैदानी इलाकों में लगातार तापमान बढ़ रहा है। कई जिलों में ये 40 डिग्री सेल्सियस या अधिक इससे अधिक पहुंच चुका है। देहरादून मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक,  21 मई की रात से पहाड़ी हिस्सों पर पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखाई दे सकता है, जिससे चमोली, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तकाशी के कुछ हिस्सों पर अंधड़ चलने और बारिश के साथ ओलावृष्टि व वज्रपात का खतरा हो सकता है। Kal Ka Mousam 20 May

केरल में मानसून

दक्षिण भारत में अगले कई दिनों मौसम खराब रहने का अनुमान है। खासकर, समुद्र तटीय भागों पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव रहेगा, जिससे लक्ष्यद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पश्चिमी घाट के हिस्सों पर 70 किमी. की रफ्तार से तूफान चलने और मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट है।

प्री मानसून (Pra Mansoon) की गतिविधियों के बीच लोगों को तटीय भागों पर सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उधर, अंडमान में मानसून पहुंच चुका है। इस सर्कुलेशन के असर महाराष्ट्र रत्नागिरी समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट है। उधर, मुंबई और गोवा में भी बादल बरस सकते हैं। Kal Ka Mousam 20 May

असम, अरुणाचल प्रदेश में तूफान

पूर्वोत्तर भारत में एक बार फिर से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। प्री मानसून की गतिविधियां शुरू हों, जिससे सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, पूर्वी बिहार और पश्चिम बंगाल के उप हिमालयी क्षेत्र में गरज-चमक, तेज आंधी-तूफान के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

अधिकांश हिस्सों पर तापमान में बढ़ोतरी के कारण लोगों को हीटवेव का सामना करना पड़ सकता है। Kal Ka Mousam 20 May

तमिलनाडु-पुडुचेरी में बारिश

तमिलनाडु के कई जिलों और पुडुचेरी में बारिश का दौर देखा जा रहा है। IMD ने अगले दो दिनों के दौरान नीलगिरि, थेनी, कोयंबटूर, इरोड और डिंडीगुल में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। चेन्नई के भी कई इलाकों में बारिश रिकॉर्ड की जा रही है।

मौसम में बदलाव से वडापलानी, कोयंबेडु, नुंगमबक्कम, कोडंबाक्कम और सैदापेट के तापमान में गिरावट आने से लोगों ने राहत महसूस की है। पुडुचेरी में भी उझावरकरई,लॉस्पेट, मुथियालपेट, कोरिमेडु, बहौर, उसुदु, मन्नादीपेट और थिरुकनूर में भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है। Kal Ka Mousam 20 May

चेन्नई मीनाम्बक्कम, वेल्लोर, इरोड, नुंगमबक्कम, मदुरै एयरपोर्ट और तिरुचिरापल्ली में भी तेज गर्मी बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे क्षेत्रों चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जबकि लक्षद्वीप क्षेत्र से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तक एक ट्रफ रेखा है।